जीवन में सत्य, अहिंसा एवं प्रेम के रेखांकन के साथ विचारों का आत्मसात भी जरूरी – चंद्रेश शास्त्री

सिद्धार्थनगर। ब्रह्मर्षि बावरा सिद्धार्थ ममतागृह- (अनाथाश्रम) जगमोहनी सिद्धार्थनगर के प्रांगण में बुद्ध पूर्णिमा पावन पर्व पर आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता को संबोधित करते हुए संस्थान सचिव चंद्रेश शास्त्री जी ने कहा छायाचित्र के रेखांकन के साथ-साथ भगवान बुद्ध के रेखांकित किया जा रहे चित्र एवं उनके विचारों को भी जीवन में आत्मसात कर सत्य, प्रेम एवं अहिंसा के पथ पर चलने का हम सभी को प्रयास करना चाहिए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि दिव्यांश चौहान एवं निर्णायक मंडल में उपस्थित विशाल पांडे, प्रेम गुप्ता, प्रीति कुमारी, रमेश कुमार के द्वारा बच्चों द्वारा रेखांकित मनमोहन चित्रों का अवलोकन किया गया। जिसमें क्रमशः अमित कुमार ने प्रथम, अर्चना कुमारी ने द्वितीय, प्रिंसी कुमारी ने तृतीय, चांदनी कुमारी ने चतुर्थ स्थान एवं शेष दर्जनों प्रतिभागियों को निर्णायक मंडल के सदस्यों के साथ संस्था सचिव चंद्रेश शास्त्री, मुख्य अतिथि दिव्यांश चौहा एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ जन संकटा प्रसाद पांडे जी के द्वारा सांत्वना पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया।




