इस बार नहीं होगा जेठ मेले का आयोजन, प्रशासन ने सुरक्षा कारणों के चलते मेले पर लगाई रोक

दैनिक बुद्ध का सन्देश/शास्त्र तिवारी
बहराइच। सैयद सालार मसूद गाजी (गाजी मियां) की दरगाह पर इस वर्ष परंपरागत मेले का आयोजन नहीं किया जाएगा। जिला प्रशासन ने सुरक्षा कारणों के चलते मेले की अनुमति देने से इनकार कर दिया । बताया जा रहा है कि यह पहली बार होगा जब सैकड़ों वर्षों से लगने वाला यह मेला स्थगित किया गया है।
प्रशासन ने सुरक्षा कारणों के नाते नहीं दी मंजूरी
सिटी मजिस्ट्रेट शालिनी प्रभाकर और सीओ सिटी पहुप सिंह ने संयुक्त रूप से बयान जारी कर मेले को अनुमति न देने की पुष्टि की। दरगाह प्रबंध समिति ने मेले के आयोजन के लिए प्रशासन से अनुमति मांगी थी, लेकिन अधिकारियों द्वारा की गई समीक्षा और सुरक्षा रिपोर्ट के आधार पर आयोजन को मंजूरी नहीं दी गई क्योंकि एल आई यू ने 12 पेज की रिपोर्ट बनाकर गोंडा कमिश्नर और डीजीपी को भेजा था। प्रशासन का कहना है कि हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद देशभर में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। ऐसे में किसी भी बड़े आयोजन में कानून-व्यवस्था को लेकर खतरा बढ़ सकता है।
संभावित विरोध प्रदर्शनों की आशंका बरकरार
लोकल इंटेलिजेंस यूनिट की रिपोर्ट में भी यह सिफारिश की गई है कि देश के वर्तमान हालातों को देखते हुए मेले जैसे बड़े आयोजनों से बचा जाए। रिपोर्ट में मेले में संभावित विरोध प्रदर्शनों की आशंका जताई गई ।
विभिन्न हिंदू संगठनों ने जेठ मेला आयोजन का किया था विरोध
विभिन्न हिंदू संगठनों बजरंग दल, शिवसेना ,परशुराम सेना, सवर्ण आर्मी, करण दल के द्वारा जेठ मेला के आयोजन को लेकर बहराइच शहर में विरोध प्रदर्शन किया गया तथा जिला अधिकारी को विभिन्न संगठनों के द्वारा ज्ञापन भी सौंपा गया। विभिन्न हिंदू संगठनों के द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में सैयद सालार मसूद गाजी को आक्रांता कहा गया। मालूम हो कि यह मेला हर साल 15 मई से 15 जून तक लगता था, जिसमें हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों के लोग बड़ी संख्या शामिल होते थे तथा दूर-दूर से ध्वज चढ़ाने के लिए जायरीन आते थे लेकिन इस बार प्रशासन की ओर से सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से अनुमति न देने का निर्णय लिया गया।



