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उत्तर प्रदेशसिद्धार्थनगर

राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण में हो रही देरी को लेकर एमएलसी धु्रव कुमार त्रिपाठी ने उठाए सवाल

उसका बाजार। सिद्धार्थनगर-कोइलाडांड के खस्ताहाल राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण में हो रही देरी को लेकर शिक्षक विधायक धु्रव कुमार त्रिपाठी ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा करते हुए कहा है कि इससे आमजन को कई तरह की परेशानी हो रही है, इस पर चलने वाले लोग आए दिन हो रही दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं। शुक्रवार को एमएलसी ने अपने तेतरी स्थित आवास पर पत्रकार वार्ता के दौरान यह बातें कही है। कहा कि सड़क गड्ढे में है या फिर गढ्ढे में सड़क है इसका अंदाजा लगा पाना कठिन हो गया है। बिखरी गिट्टियों से यह परेशानी और बढ़ गई है। वर्तमान समय में नेशनल हाइवे से उड़ रहे धूल के गुबार से लोग बीमार हो रहे हैं। जबकि यहां से 25 किलोमीटर दूर इस सड़क से होकर गुजरने वालों से टोल टैक्स भी वसूला जाता है। यह सड़क बौद्ध परिपथ के रूप में भी जाना जाता है, बावजूद इसके जल्द पूरा किए जाने का पहल नही दिख रहा है। इस सड़क से गुजरने वाले साइकिल व दो पहिया वाहन चालकों को सर्वाधिक दिक्कत होती है। सडक़ों से भारी वाहनों के गुजरते ही धूल के गुबार से छोटे वाहन एवं दुपहिया चालक धूल से पट जा रहे हैं। छोटे वाहन सडक़ों में बने गड्ढों के कारण अनियंत्रित होकर गिर जाते हैं, इससे दुर्घटनाओं का ग्राफ भी तेजी से बढ़ रहा है। सुरक्षित यात्रा के लिए लोग सोहांस होकर नौगढ़ और उसका बाजार आदृजा रहे हैं। यह नेशनल हाईवे गोरखपुर से कोइलाडाड़ तक लगभग पांच वर्ष पहले ही बन चुका है, आगे इसे ऐसे ही छोड़ दिया गया। जबकि बलरामपुर जनपद समेत इस जिले के सैकड़ों राहगीर प्रतिदिन इन दुश्वारियों को झेलते हैं। नेशनल हाइवे का कार्य किन परिस्थितियों में अधूरा है, यह समझ से परे है। इसे जल्द बनाया जाना जनहित में होगा।
जल्द सड़क पूरा कराए डीएम व एनएचआई…
एमएलसी धु्रव कुमार त्रिपाठी ने जिलाधिकारी और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से मांग किया है कि वह स्वयं इन जोखिम व दुश्वारियों भरे रास्ते पर एक सप्ताह चलकर देखें तो उन्हें आमजन के परेशानियों का पता चलेगा। कहा कि अन्य जनप्रतिनिधि भी इस पर चलते हैं, वह भी इसे पूर्ण करने के लिए पहल किए हैं लेकिन सड़क निर्माण पूरा न होना अधिकारियों के निरंकुशता को दर्शाता है।

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