गर्मी के मौसम में पशुओं को हीट स्ट्रोक गर्मी से बचावें: अरुण कुमार प्रजापति, पशुधन प्रसार अधिकारी

सिद्धार्थनगर। गर्मी के मौसम में पशु अक्सर हीट स्ट्रेस (गर्मी का तनाव) का शिकार हो जाते हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य और दूध उत्पादन पर असर पड़ता है। पशुधन प्रसार अधिकारी अरुण कुमार प्रजापति ने पशुओं को हीट स्ट्रोक से बचाव की जानकारी देते हुए कहा कि उन्हें इस तनाव से बचाने के लिए कई घरेलू उपाय किये जा सकते हैरू जैसे गर्मी से बचाव के लिए छायादार स्थान का उपयोग करें। पशुओं को ठंडी और हवादार जगह पर रखें। टीन या कंक्रीट की छतों की जगह पेड़, खपरैल या थर्मल इंसुलेशन वाले शेड्स बेहतर होते हैं। दिन में 2-3 बार ताजे व ठंडे पानी से नहलाएं। पीने के लिए भी ठंडा व स्वच्छ पानी लगातार उपलब्ध कराएं। शेड में वेंटीलेशन अच्छा रखें और जरूरत हो तो पंखा या वाटर कूलिंग सिस्टम लगाएं। चराई का समय बदलें, सुबह जल्दी या शाम को चराई कराएं, जब तापमान कम हो। पोषण संतुलन बनाये रखने के लिए गर्मी में हरा चारा, मक्का, बरसीम, गन्ना चारा आदि दें जिससे शरीर में जल की मात्रा बनी रहे। हीट स्ट्रेस कम करने के लिए उपयोगी दवाइयाँ / सप्लीमेंट् जिससे शरीर में नमक , पोटेशियम और जल की कमी पूरी होती है। उसका प्रयोग करें। जैसे विटामिन और मिनरल सप्लीमेंट, विशेष रूप से विटामिन सी, विटामिन ई और सेलेनियम हीट स्ट्रेस से लड़ने में मदद करते हैं। लिवर टॉनिक का भी समय समय पर प्रयोग करें,जिससे पशु का पाचन तंत्र और लिवर कार्य बेहतर रहता है। यदि पशु बहुत ज्यादा हांफ रहा है या दूध देना बंद कर रहा है, तो उसे लिवर टॉनिक पिलवावे तथा पशु चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।



