ग्राम सभा पटना में हुई भ्रष्टाचार की खुलने जा रहीं परतें, हाई कोर्ट लखनऊ में दायर हुई रिट याचिका
हाई कोर्ट लखनऊ हुआ सख्त और मांगा बहराइच जिला अधिकारी से जवाब

बहराइच। बहराइच जिले के विशेश्वरगंज ब्लॉक अंतर्गत ग्राम सभा पटना में विकास कार्यों को लेकर वित्तीय अनियमितता और भ्रष्टाचार का जमकर खेल खेला गया, जिसको लेकर ग्राम सभा पटना के देवी प्रसाद त्रिपाठी के द्वारा मुख्यमंत्री कार्यालय में शिकायत की गई। शिकायत को संज्ञान में लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय ने जिला अधिकारी बहराइच को कार्यवाही करने को कहा,जिस पर जिलाधिकारी बहराइच ने 7 जनवरी 2025 को टीम गठित किया। तत्पश्चात 27 जनवरी 2025 को जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी एवं सहायक अभियंता उत्तर प्रदेश लघु उद्योग ने मौके पर जाकर शिकायतकर्ता देवी प्रसाद त्रिपाठी ग्राम सभा पटना विकासखंड विशेश्वरगंज बहराइच की शिकायत पर जांच करने पहुंचे। जांच करने के उपरांत रिपोर्ट बनाकर जिला अधिकारी बहराइच को भेज दिया , जांचकर्ता अधिकारी ने अपनी जांच रिपोर्ट में ग्राम सभा पटना में विभिन्न मदों में की गई वित्तीय अनियमितता को सही ठहराया। जांच रिपोर्ट सौंपने के बाद कोई प्रगति न देखकर शिकायतकर्ता ने जनसुनवाई पोर्टल पर आईजीआरएस संदर्भ संख्या 40018025015043 के माध्यम से 17 अप्रैल 2025 को उपनिदेशक (पंचायत) देवी पाटन मंडल गोंडा के समक्ष ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई तो उपनिदेशक (पंचायत) देवीपाटन मंडल गोंडा ने जिला पंचायत राज अधिकारी बहराइच से जवाब मांगा, जिस पर जिला पंचायत राज अधिकारी ने जवाब देते हुए आख्या रिपोर्ट लगाया कि इस मामले की जांच पहले ही जांचकर्ता अधिकारी से करवाई जा चुकी है इसलिए अब इस मामले की जांच पुनः नहीं हो सकती, ऐसा ही रिपोर्ट सहायक विकास अधिकारी पंचायत विशेश्वरगंज बहराइच ने लगाकर जवाब उपनिदेशक (पंचायत) देवीपाटन मंडल गोंडा को भेज दिया। जब जांच आख्या रिपोर्ट को देखकर और संतुष्ट न होते हुए पुनः शिकायतकर्ता ने लखनऊ हाई कोर्ट का रुख किया और कोर्ट नंबर दो पर रिट पिटीशन देवी प्रसाद त्रिपाठी ने दायर किया , जिस पर डबल बेंच के विद्वान न्यायाधीश राजन राय और ओम प्रकाश शुक्ला ने मामले को भली भांति सुनकर जिला अधिकारी बहराइच को दिशा निर्देश जारी करते हुए अतिशीघ्र जवाब भेज कर कोर्ट को सूचित करने का आदेश दिया।




