गोरखपुर        महराजगंज        देवरिया        कुशीनगर        बस्ती        सिद्धार्थनगर        संतकबीरनगर       
उत्तर प्रदेशसिद्धार्थनगर

ग्राम पंचायत घरुआर में जल जीवन मिशन का कार्य पड़ा ठप

आधा-अधूरा कार्य छोड़कर ठेकेदार फरार, पीने के पानी को तरस रहे गांव के लोग।

बढ़नी/सिद्धार्थनगर। जनपद के विकास खण्ड बढ़नी अन्तर्गत ग्राम पंचायत घरुआर में हर घर जल जीवन मिशन (ग्रामीण) की महत्वाकांक्षी योजना विभाग और ठेकेदारों की घोर लापरवाही का शिकार हो गई है। हर घर में नल से जल पहुंचाने की योजना के लिए करोड़ों रुपये खर्च किये जा चुके हैं। लेकिन आम जनता को अभी तक पीने के पानी की बुनियादी सुविधा से वंचित है। जो शासन प्रशासन सहित आम जनता के लिए चिन्ताजनक है। ठेकेदारों द्वारा समय पर काम पूरा न करने और विभाग की उदासीनता के कारण पाइपलाइन बिछाने और नल कनेक्शन देने का कार्य सरकारी लक्ष्य से बहुत पीछे चल रहा है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक मार्च 2023 में कार्य प्रारम्भ हुआ था, जो करोड़ों रुपए की लागत से तीन गांव मधवानगर, डढ़ऊल, घरुआर की करीब तीन हजार से अधिक जनसंख्या वाले गांवों में करीब पांच सौ से अधिक घरों में नल जल की कनेक्शन देने का अनुमान था। जिसे सितम्बर 2024 तक पूरा करना था। फर्म का नाम जैक्शन (विश्वराज) है। लेकिन समय बीत जाने के बाद अभी तक लोगों को एक बूंद पानी नसीब नही हुआ है। आधा अधूरा कार्य करके ठेकेदार फरार चल रहे हैं। जिससे सारा कार्य ठप पड़ा हुआ है। जबकि पूर्व में भी मुख्यमंत्री पोर्टल पर सम्बन्धित विभाग को शिकायत भी किया जा चुका है। फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। गांव निवासी राजू गौतम, जय प्रकाश, कृष्ण मोहन, बटुकनाथ पाण्डेय, घनश्याम चौधरी, शैले यादव, शिव प्रसाद आदि लोगों का कहना है कि हमारे गांव में पाइपलाइन का काम अधूरा छोड़ दिया गया है। जहां पाइपलाइन बिछाई भी गई है। वहां नल कनेक्शन नहीं दिए गये हैं। विभागीय अधिकारियों और ठेकेदारों के लापरवाही से योजना का क्रियान्वयन प्रभावित हो रहा है। इस तरह करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद जल जीवन मिशन का मूल उद्देश्य हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना अधूरा रह गया है। यह स्थिति सरकारी धन के दुरुपयोग और प्रशासनिक लापरवाही का जीता-जागता उदाहरण है। स्थानीय लोगों ने लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए जल्द से जल्द शुद्ध पेयजल की व्यवस्था कराये जाने की मांग गांववालों ने की है।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!