यत्र नार्यस्तु पूज्यंते रमन्ते तत्र देवता- अभय कुमार पांडेय

सिद्धार्थनगर। उच्च प्राथमिक विद्यालय महुई विकास क्षेत्र खुनियांव जनपद सिद्धार्थनगर के प्रांगण में अपराहन 12.00 बजे विद्यालय में अध्यनरत छात्र एवं छात्राओं के माताओं को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर आयोजित भव्य कार्यक्रम में बुलाया गया। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के भव्य कार्यक्रम पर कंपोजिट विद्यालय उच्च प्राथमिक विद्यालय गैसडा की वरिष्ठ शिक्षिका श्रीमती अंजू दुबे ने मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित किया और मां सरस्वती की आराधना की गई। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर संबोधित करते हुए विद्यालय के प्रधानाध्यापक अभय कुमार पांडे ने बताया की भारत जैसे विशाल देश में महिलाओं को उच्च कोटि का दर्जा प्राप्त है आज हिंदुस्तान के विकास में महिलाओं की भागीदारी पुरुषों की अपेक्षा कहीं ज्यादा हैं। हमें समाज में महिला के प्रति आज जो रूढ़ि वादियां व्याप्त है उन्हें दूर करने की जरूरत है हमारे प्राचीन ग्रंथो में लिखा है कि जिस देश में नारी की पूजा होती है या नारी का सम्मान होता है वहां देवता निवास करते हैं।कार्यक्रम में उपस्थित प्राथमिक विद्यालय बनकटा डीह के सहायक अध्यापक अवधेश यादव ने भी नारी शिक्षा, नारी सुरक्षा, नारी स्वालंबन पर अपना विचार रखा ।विद्यालय की सहायक अध्यापक मुकेश कुमार ने भारतीय इतिहास में महान वीरांगनाओं के बारे में सभी को बताया और अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर विद्यालय में उपस्थित माता को अपनी बच्चियों को प्रतिदिन विद्यालय आने के लिए प्रेरित किया और कहा कि घर का काम ना करा कर अपनी बच्चियों के शिक्षा पर आप लोग जागरूक रहें क्योंकि बच्ची अगर शिक्षित होगी तो उसका फायदा देश को और परिवार को मिलता रहेगा।कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं में सबसे वरिष्ठ महिला श्रीमती सोहवाती और श्रीमती कैलाशी को विद्यालय परिवार ने एक स्टील प्लेट देकर सम्मानित किया।कंपोजिट विद्यालय गैसडा की वरिष्ठ शिक्षिका श्रीमती अंजू देवी को भी विद्यालय परिवार ने सम्मानित किया।इसी क्रम में नियमित विद्यालय आने वाली छात्रा सपना प्रजापति कक्षा 6, सानिया कक्षा 7, अंकिता गौतम कक्षा 8को भी एक एक स्टील का प्लेट देकर सम्मानित किया।कार्यक्रम में उपस्थित सभी सम्मानित माताओं को मिष्ठान, नमकीन एवम चाय पिलाकर कार्यक्रम समाप्त हुआ।इस अवसर पर उपस्थित अभिभावक पुष्पा देवी, विद्यावती, शान्ति, निर्मला, सुंदरी, कुसुमावती, सुमन देवी आदि रहे।




