सुरक्षा के प्रति जागरुकता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है: चंद्रशेखर

बांसी। जैक्सन लिमिटेड द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस को लेकर मंगलवार को रतन सेन इण्टर कॉलेज के निकट कम्पनी के अधिकारियों व कर्मचारियों कि सुरक्षा को लेकर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उक्त कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कम्पनी के सहायक परियोजना प्रबन्धक चंद्रशेखर ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद कि स्थापना 04 मार्च 1966 को हुई थी, लेकिन 04 मार्च 1972 को राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस के रूप में मानने का प्रस्ताव पारित किया गया और इसे राष्ट्रीय सुरक्षा सप्ताह में बदल दिया गया, जो एक सप्ताह के उत्सव के रूप में मनाया जाता है,तब से हर वर्ष 04 मार्च से 10 मार्च तक सुरक्षा सप्ताह कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। यह परिषद राष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा, स्वास्थ्य व पर्यावरण आन्दोलन को विकसित करने के लिए श्रम मंत्रालय द्वारा स्थापित किया गया था। इस स्थापना दिवस को ही भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस के रूप में मानने का प्रस्ताव रखा गया था। इंजीनियर सौरभ सिंह व बृजेश सिंह ने कहा कि सुरक्षा दिवस को तो हम लोग एक सप्ताह मानते हैं लेकिन सुरक्षा तो प्रत्येक व्यक्ति के जीवन के लिए अति आवश्यक होता है , तमाम कंपनियां व सरकारी विभाग तरह तरह के निर्माण कार्य करवाने का काम करते हैं जहां पर काम करने वालों के लिए सुरक्षा के लिए हर उपकरण दिए जाते हैं जिसको पहन कर वे अपने को सुरक्षित रख कर काम करते हैं। सेफ्टी इंचार्ज जे पी मिश्रा ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस के माध्यम से समाज में सुरक्षा के महत्व को लेकर जागरूक करना होता है, राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस के माध्यम से समाज को सुरक्षा के महत्व को समझाया जाता है, जो उनके और उनके पूरे परिवार के सुरक्षित रहने के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा को लेकर जागरुकता सबसे बड़ी सुरक्षा की आधार शिला है। कार्यक्रम को प्रोजेक्ट मैनेजर गणेश प्रसाद, प्लानिंग मैनेजर अवि चौरसिया व बिलिंग मैनेजर सविक कार ने भी सम्बोधित किया तथा इस अवसर पर अजय पटेल, अजीत सिंह, एस के शर्मा, प्रनव सिंह, अंकित सिंह, ऋषि गिरी, सौरभ तिवारी, शुभाशीष राव, आनन्द तिवारी, सोनू कुमार, आदित्य, विकास, विजय, विवेक, राम प्रसाद, राजेश सिंह, संदीप सिंह और रितिक सिंह आदि लोग उपस्थित रहे तथा संचालन सेफ्टी इंजीनियर प्रशान्त सिंह ने किया।




