ईंट भट्टा श्रमिकों के शोषण व उत्पीड़न पर ध्यान दे प्रशासन: बृजेश चौहान

बलरामपुर। जनपद के तमाम ईंट भट्ठों पर कार्य करने वाले श्रमिकों को मूलभूत सुविधाएं मुहैय्या नहीं हो पा रही हैं जबकि सरकार इन श्रमिकों के लिये आनेको योजनाएं चल रही है तथा प्रदेश के मुख्यमंत्री इन योजनाओं को सीधे श्रमिकों तक पहुंचाने हेतु हर संभव प्रयास कर रहे हैं पर भट्ठा मालिकों और स्थानीय अधिकारियों के गठजोड़ से इन श्रमिकों की आवाज पूरी तरह दबा दी जाती है श्रमिकों की स्वास्थ्य आवास पेयजल शौचालय जैसे बुनियादी सुविधाओं से पूरी तरह वंचित रखा गया है कड़ाके के ठंडक में ये मजदूर खुले आसमान में पानी कीचड़ में काम करने के लिए बाध्य होते हैं गर्भवती धात्री महिलाओं आदि का भी कोई सुविधा नहीं मिलती यहां तक की श्रम विभाग में होने वाला श्रमिक पंजीयन से भी यह महरूम रहते हैं अधिकांश श्रमिक तो बंधुवा मजदूरों की तरह कुछ पैसे एडवांस लेते रहते हैं और उसके एवज में साल दर साल वहीं पर काम करने के लिए मजबूर होते हैं प्रशासन को इनकी समस्याओं से कोई लेना-देना नहीं होता है क्योंकि श्रमिक अपना हक भी मांगने की स्थिति में नहीं होते ऐसे में इन्हें सिर्फ भगवान का ही सहारा होता है। उक्त संदर्भ में ईंट भट्टा भवन मजदूर कल्याण सेवा समिति के अध्यक्ष बृजेश चौहान ने एक लिखित विज्ञप्ति में बताया कि उपरोक्त समस्या का समाधान अगर शीघ्र नहीं कराया गया तो इसके लिए व्यापक जन आंदोलन खड़ा किया जाएगा जिसकी जिम्मेदारी स्थानीय जिला प्रशासन की होगी।




