भानपुर सरकारी अस्पताल में धड़ल्ले से लिखी जा रहीं हैं बाहर की दवाइयां

बस्ती। निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं के सरकारी दावे महज कागजी हैं। हालात ये है कि सरकारी अस्पतालों में बाहरी दवाइयां धड़ल्ले से लिखी जा रही हैं। डाक्टर बेखौफ हैं, उन्हे विभागीय संरक्षण प्राप्त है और दवाओं की सरकारी आपिर्त पर तमाम सवाल हैं। सरकारी दावों की पड़ताल करने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भानपुर पहुंची मीडिया टीम को हैरान करने वाली जानकारी प्राप्त हुई। यहां पूरी की पूरी दवाइयां बाहर से लिखी जा रही है जो अस्पताल के बाहर मेडिकल स्टोर पर उपलब्ध हैं। अस्पताल से पर्चा लिखवाकर बाहर आये भानपुर कस्बे के दिलीप कुमार से पूछा गया तो उन्होने बताया कि अस्पताल के डाक्टर डा. सचिन चौधरी ने बाहर की दवा लिखी, केवल एक दवा अस्पताल दी गई। कुल 1200 रूपये की दवा मेडिकल स्टोर से खरीदी। पीड़ित ने यह भी बताया कि ऐसा सभी मरीजों के साथ हो रहा है। मीडिया टीम ने पूरे मामले की जिलाधिकारी के मोबाइल पर जानकारी दी। उन्होने सज्ञान लेन को कहा। आप अंदाजा लगा सकते हैं सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवायें किस तरह निःशुल्क दी जा रही हैं।



