एक साल से सफाईकर्मी विहीन बेलौहा, स्वच्छ भारत मिशन पर उठे सवाल

दैनिक बुद्ध का संदेश
सिद्धार्थनगर। सिद्धार्थनगर जनपद के खेसरहा विकास खंड अंतर्गत बेलौहा चौराहे पर पिछले करीब एक वर्ष से स्थाई सफाईकर्मी की तैनाती न होने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि स्वच्छ भारत मिशन केवल कागजों तक सीमित होकर रह गया है, जबकि जमीनी स्तर पर स्थिति बेहद खराब है। बेलौहा चौराहा खेसरहा ब्लॉक का प्रमुख और सबसे व्यस्त चौराहा माना जाता है। यहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, ब्लॉक मुख्यालय, स्टेट बैंक, ग्रामीण बैंक, उत्तर प्रदेश, विकास इंटर कॉलेज, आईटीआई सहित कई सरकारी संस्थान स्थित हैं। इसके बावजूद नियमित सफाई व्यवस्था न होने से जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा रहता है। ग्राम प्रधान तुफैल अहमद ने बताया कि सफाईकर्मी की तैनाती को लेकर उन्होंने फरवरी माह में जिलाधिकारी को शिकायत पत्र भी सौंपा था। जिलाधिकारी द्वारा कार्रवाई का आश्वासन भी दिया गया था, लेकिन लगभग छह महीने बीत जाने के बाद भी कोई स्थाई समाधान नहीं निकल सका। प्रधान ने आरोप लगाया कि यदि किसी सफाईकर्मी की तैनाती होती भी है तो वह अधिकतम एक सप्ताह ही यहां कार्य करता है, उसके बाद उसका स्थानांतरण कहीं और कर दिया जाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर बार-बार ऐसा क्यों हो रहा है और इसके पीछे किसकी मिलीभगत है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार स्वच्छ भारत मिशन को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन बेलौहा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में सफाई व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त पड़ी है। लोगों ने प्रशासन से तत्काल स्थाई सफाईकर्मी की नियुक्ति कर नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।


