श्रीराम जन्म की कथा सुनकर भावविभोर हुए श्रद्धालु

दैनिक बुद्ध का संदेश
सिद्धार्थनगर।जनपद के इटवा तहसील क्षेत्र के ग्राम इमिलिया में समय माता मंदिर पर सात दिवसीय शतचंडी महायज्ञ तथा संगीतमयी श्रीराम कथा में श्रीराम के जन्म की कथा सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए।पूरा पांडाल जय श्रीराम के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। उक्त जानकारी यज्ञ के मुख्य यजमान एवं प्रधान संघ के इटवा ब्लाक के अध्यक्ष राघवेंद्र सिंह ने दी।उन्होंने बताया कि लोककल्याण के लिए ही इस यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है।इस शतचंडी महायज्ञ में प्रतिदिन सुबह एवं शाम पूजन तथा आरती व शाम को छह बजे से संगीत मयी श्रीराम कथा अयोध्या धाम के पंडित ओंकार नाथ द्विवेदी राष्ट्रीय कथा व्यास के द्वारा सुनाया जा रहा है।इस अवसर पर चल रहे संगीतमयी श्रीराम कथा में कथा व्यास ने श्रीराम के जन्म की कथा सुनाया।उन्होंने बताया कि अयोध्या के राजा दशरथ का चौथा पन आ गया।लेकिन उन्हें संतान सुख प्रप्त नहीं हुआ।इस पर वे बहुत दुखी हो गए।अपने इस चिंता का समाधान कराने के लिए वे अपने गुरु वशिष्ठ के पास गए।उन्होंने अपने चिंता का कारण गुरु को बताकर इसके समाधान का मार्ग पूछा।इस पर गुरु वशिष्ठ ने राजा दशरथ को श्रृंगी ऋषि के पास जाकर उनसे पुत्रेष्ठ यज्ञ कराने को कहा।राजा ने पुत्रेष्ठ यज्ञ कराया।यज्ञ पूर्ण होने पर ऋषि ने प्रसाद का आधा भाग रानी कौशल्या को तथा आधे भाग को दो बराबर भागों में बांटकर रानी सुमित्रा तथा रानी कैकेई को देने के लिए कहा।प्रसाद खिलाने के तीनों रानियां गर्भवती हो गईं।इसके बाद माता कौशल्या ने श्रीराम तथा सुमित्रा ने लक्ष्मण एवं कैकेई ने भरत और शत्रुघ्न को जन्म दिया।प्रभु श्रीराम का जन्म होते ही अयोध्या में चारो तरफ आनंद छा गया। श्रीराम के जन्म की कथा सुनकर सभी श्रद्धालु भावविभोर हो गए।पूरा पांडाल जय श्रीराम के घोष से गुंजायमान हो उठा।मुख्य यजमान प्रधान संघ अध्यक्ष ने क्षेत्र के लोगों से इसमें भारी संख्या में पहुंचकर अपने जीवन को सार्थक बनाने का अनुरोध किया है।कथा के समय पंडाल में राघवेंद्र सिंह,
गजेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट तहसील अध्यक्ष बार इटवा, सत्येंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ,कैप्टन रमेन्द्र प्रताप सिंह ,समीर विक्रम सिंह ,धीरेंद्र सिंह ,शिव प्रसाद सिंह ,मन बहाल यादव, छोटकन यादव, नारदा हे,प्रजापति सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे।




