आरोपों के घेरे में आये प्रधान प्रतिनिधि और ग्राम सचिव
ग्राम सभा की चारागाह भूमि पर अवैध अमृत सरोवर निर्माण, मनरेगा में फर्जी भुगतान और विकास कार्यों में भारी अनियमितताओं के आरोप लगे

दैनिक बुद्ध का संदेश
बहराइच। उत्तर प्रदेश के बहराइच जनपद से भ्रष्टाचार का एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है, जहां ग्राम सभा की चारागाह भूमि पर अवैध अमृत सरोवर निर्माण, मनरेगा में फर्जी भुगतान और विकास कार्यों में भारी अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। आरोपों के घेरे में प्रधान प्रतिनिधि और ग्राम सचिव बताए जा रहे हैं। मिली जानकारी अनुसार बहराइच जिले के विकास खंड फखरपुर अंतर्गत ग्राम सभा टेंडवा अल्पी मिश्र का है।ग्रामीणों के अनुसार, ग्राम प्रधान तुलसीराम जी काफी बुजुर्ग और अशिक्षित हैं, जिसका फायदा उठाकर उदयराज वर्मा ने खुद को प्रधान प्रतिनिधि घोषित कर दिया और पूरे कार्यकाल में सरकारी योजनाओं में मनमानी करते हुए धन का दुरुपयोग किया। ग्रामीणों का आरोप है कि विकास कार्यों के नाम पर सरकारी पैसा अपने परिवार और करीबी लोगों के खातों में ट्रांसफर कराया गया। ग्राम सभा में लगे हैंडपंप खराब हालत में हैं, जबकि कागजों में मरम्मत और नए निर्माण दिखाए गए हैं। वहीं इंटरलॉकिंग सड़क के नाम पर खड़ंजा डालकर सरकारी धन का बंदरबांट करने का आरोप भी लगाया गया है। सबसे गंभीर आरोप मनरेगा योजना में सामने आया है, जहां ऐसे लोगों के नाम भुगतान किया गया है जो कभी काम पर गए ही नहीं। इतना ही नहीं, 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों के नाम भी फर्जी तरीके से मनरेगा का पैसा निकाले जाने का आरोप है। इसके अलावा ग्राम सभा की सुरक्षित चारागाह भूमि, गाटा संख्या 215(ख), जिस पर पशुओं के चरने के लिए भूमि सुरक्षित थी, उसी पर अमृत सरोवर का निर्माण करा दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि यह निर्माण पूरी तरह नियमों के विरुद्ध है और इसमें सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है। पीड़ित ग्रामीण नीरज कुमार पाठक ने जिलाधिकारी और उपजिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर मामले की जांच और दोषियों से सरकारी धन की रिकवरी की मांग की है। गांव में बहुत भ्रष्टाचार हुआ है, जांच होनी चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस गंभीर मामले में क्या कार्रवाई करता है और क्या दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे या नहीं।




