स्कूलों में बंटने वाली किताब रद्दियों के भाव बेची गई , नौनिहाल बच्चों के भविष्य पर नजर आया संकट

दैनिक बुद्ध का संदेश
बहराइच। बहराइच जिले में शिक्षा माफियाओं का हौसला काफी बढ़ गया है जिसके तहत बच्चों को सरकारी स्कूलों में नए स्टेशन अप्रैल 2026-27 में मिलने वाली फ्री किताबों को कबड्डी कहां बेचने का मामला प्रकाश में आया है जिससे अब सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को आगामी सत्र के लिए फ्री किताबें मिलने दूभर हो जाएगी। इसी में एक यह लाइन बहुत सही बैठ रही है रू-सरस्वती की रद्दी से, कबाड़ी का घर भर गया , बच्चों के हाथों से ज्ञान का दीपक उतर गया। मिली जानकारी अनुसार थाना रामगांव छेत्र के मेटकहा मोड़ के पास कबाड़ी के यहां पर सरकारी किताबों का जखीरा मिला। कबाड़ी की दुकान पर सरकारी प्राइमरी विद्यालयों मे निशुल्क बटने वाली पुस्तकों का खुल्लम खुल्ला व्यापार होता रहा किसी को कानो कान तक खबर नहीं आई। वहीं और हद हो गई कि वाहन संख्या न्च्21थ्ज् 8485. ट्राले से जिले से बाहर भी किताबें भेजी गई।
बहराइच में किताबों का कबाड़ीकरण
बच्चों के भविष्य की सरकारी किताबें बहुत ही सस्ते दर पर बेच दी गई। बेचने वालों ने यहां तक भी नहीं सोचा कि इन किताबों के द्वारा सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले नव निहाल बच्चों का भविष्य संवरेगा। सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार 4 रुपये किलों में कबाड़ी को किताबें बेंची गई, 50 लाख से ज़्यादा की सरकारी किताबों को लगभग 26 हज़ार में कबाड़ी ने खरीदने का खुलासा किया। हजारों बच्चों को फ्री में बटने वाली सरकारी किताबों की यूं बहराइच में बिक्री हुई कि सर्व शिक्षा अभियान की धज्जियां उड़ गई तथा ज़िले में हड़कम्प की स्थिति बन गई। जब यह मामला जिलाधिकारी बहराइच के संज्ञान में पहुंचा तो उन्होंने समिति गठित कर मामले की जांच के लिए निर्देश दिए और अब इस जांच ने भी तूल पकड़ लिया है। जल्द ही स्थिति स्पष्ट होती नजर आएगी।




