बाल श्रम उन्मूलनपर सांसद जगदंबिका पाल नेलोकसभा में उठाया मुदा

दैनिक बुद्ध का सदंेश
सिद्धार्थनगर। लोकसभा में सांसद जगदंबिका पाल ने महत्वपूर्ण जनहित से जुड़े अतारांकित प्रश्न उठाते हुए बाल श्रम उन्मूलन और राज्यों में पूंजीगत निवेश को बढ़ावा देने जैसे अहम विषयों पर सरकार से विस्तृत जानकारी मांगी। उन्होंने च्म्छब्प्स् पोर्टल के माध्यम से बाल श्रम के मामलों की मॉनिटरिंग, शिकायतों के समाधान और बचाए गए बच्चों के पुनर्वास जैसे मुद्दों को संसद में प्रमुखता से उठाया। यह पहल भारत को बाल श्रम मुक्त समाज बनाने और सतत विकास लक्ष्य (ैक्ळ 8.7) हासिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इस विषय में विशेष रूप से उत्तर प्रदेश की स्थिति मजबूत सामने आई है। च्म्छब्प्स् पोर्टल के तहत राज्य में अब तक 2,066 शिकायतें दर्ज हुईं और उनमें से 1,964 मामलों का समाधान किया गया, जो लगभग 95 प्रतिशत से अधिक निस्तारण दर को दर्शाता है। यह दर्शाता है कि केंद्र सरकार की तकनीक आधारित मॉनिटरिंग व्यवस्था और जिला स्तर पर प्रशासनिक तंत्र प्रभावी रूप से काम कर रहा है और बाल श्रम के खिलाफ जमीनी स्तर पर कार्रवाई तेज हुई है। इसी क्रम में श्री पाल ने राज्यों के लिए केंद्र सरकार की स्पेशल असिस्टेंस फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंटयोजना पर भी प्रश्न उठाया। इस योजना के तहत उत्तर प्रदेश को पिछले तीन वर्षों में बड़े स्तर पर वित्तीय सहायता मिली है। उत्तर प्रदेश को 2023-24 में ₹19,215 करोड़, 2024-25 में ₹17,223 करोड़ और 2025-26 में अब तक ₹12,466 करोड़ जारी किए गए हैं। कुल मिलाकर लगभग ₹48,900 करोड़ से अधिक की सहायता राज्य को प्राप्त हुई है, जिससे बुनियादी ढांचे, निवेश और रोजगार सृजन को गति मिली है। कुल मिलाकर, इन प्रश्नों के माध्यम से यह स्पष्ट हुआ कि केंद्र सरकार सुधार आधारित निवेश, तकनीक आधारित शासन और राज्यों को मजबूत वित्तीय समर्थन देने की नीति पर लगातार काम कर रही है। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य को इन योजनाओं का विशेष लाभ मिल रहा है, जिससे विकास परियोजनाओं को गति, रोजगार के अवसर और सामाजिक सुरक्षा तंत्र को मजबूती मिल रही है।




