गोरखपुर        महराजगंज        देवरिया        कुशीनगर        बस्ती        सिद्धार्थनगर        संतकबीरनगर       
उत्तर प्रदेशसिद्धार्थनगर

सूचना न देने पर सचिव शेषदत्त मिश्रा पर लगाया पच्चीस हजार का जुर्माना

आरटीआई कार्यकर्ता ने बांसी ब्लाक में कराये गये विकास कार्यों की पारदर्शिता के लिए जन सूचना अधिकार अधिनियम 2005 के तहत मांगी थी सूचना।

दैनिक बुद्ध का संदेश
सिद्धार्थनगर। भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस का क्रियान्वयन उच्च स्तर से नहीं होने पर पत्रकारों द्वारा जमीनी स्तर पर भी शुरू कर दिया गया है। जन सूचना अधिकार अधिनियम 2005 के माध्यम से ग्राम सभा पकरडीहा मे कराये गये 07 बिन्दुओं की सूचना ग्राम विकास अधिकारी सचिव शेषदत्त मिश्रा से मांगी थी। विकास कार्यों में पार्दर्शिता हेतु मांगी गई सूचना सचिव द्वारा रद्दी कागज समझने के पश्चात अपीलार्थी द्वारा मामले को राज्य सूचना आयोग में ले जाया गया। इस प्रकरण में दिनांक 11.06.2025 की सुनवाई के दौरान राज्य आयोग द्वारा जन सूचना अधिकारी को अन्तिम चेतावनी के साथ नोटिस जारी करते हुए आदेशित किया गया कि अपीलार्थी को उसके सूचना आवेदन के क्रम में आज की तिथि से 10 दिन की अवधि में पूर्ण सूचना पंजीकृत डाक के माध्यम से उपलब्ध किया जाना सुनिश्चित करें। अपीलार्थी द्वारा पुनः अपील कर कहा गया कि प्रकरण में मांगी गई सूचनाएं आज तक उन्हें अप्राप्त हैं। इस विषय में राज्य सूचना आयोग ने आदेशों की अवहेलना किये जाने का दोषी मानते हुए सचिव शेषदत्त मिश्रा पर अधिनियम, 2005 की 6 पारा 20 (1) के तहत 2500/- रू0 प्रतिदिन के हिसाब से अर्थदण्ड अधिरोपित करते हुए कुल 25000 का अर्थ दण्ड लगाया है। है। इस विषय में रितिक श्रीवास्तव ने कहा कि मांगी गई सूचना नहीं दी गई, जिसके लिए मैंने राज्य सूचना आयोग का दरवाजा खटखटाया। रजिस्ट्री के माध्यम से मुझे जानकारी दी गई कि सचिव के ऊपर अर्थ दण्ड लगाया गया है। वही अपीलार्थी द्वारा पूर्व में ग्राम पंचायत भंवारी मे मांगी गई सूचना सचिव शेषदत्त मिश्रा के न देने पर राज्य सूचना आयोग मे ले जाया गया था। इस प्रकरण में दिनांक 19.06.2023 की सुनवाई के दौरान राज्य आयोग द्वारा जन सूचना अधिकारी को अन्तिम चेतावनी जारी कर इस विषय में राज्य सूचना आयोग ने आदेशों की अवहेलना किये जाने का दोषी मानते हुए सचिव शेषदत्त मिश्रा पर अधिनियम, 2005 की धारा 20(1) के तहत 2508/-रू0 प्रतिदिन के हिसाब से अर्थदण्ड अधिरोपित करते हुए कुल 25000 का अर्थ दण्ड लगाया था।

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!