प्रशासन के तहसीलदार ने मानक के विपरीत संचालित तीन भट्ठों को कराया बन्द

दैनिक बुद्ध का संदेश
शोहरतगढ़/सिद्धार्थनगर। भट्ठों के संचालन में प्रदूषण नियन्त्रण बोर्ड के नियम को दर-किनार करने वाले तीन ईट भट्टे को तहसील प्रशासन के तहसीलदार ने नोटिस देकर बन्द कराया। जिससे मानक की अनदेखी करने वाले भट्टा मालिकों में खलबली मच गई है। उपजिलाधिकारी शोहरतगढ़़ विवेकानन्द मिश्रा के नेतृत्व में तहसीलदार प्रकाश सिंह यादव, खनन अधिकारी मुकेश मिश्रा, अवर अभियन्ता प्रदूषण कन्ट्रोल बोर्ड नीतीश कुमार की टीम ने बढ़नी ब्लाक में संचालित भट्ठा मेसर्स बोहली, रेड़वरिया व जुगडिहवा के निरीक्षण हेतु पहुंचे। आपको बता दें कि ईंट-भट्टों के संचालन में खनन विभाग, प्रदूषण नियन्त्रण बोर्ड का अहम रोल होता है। तीनों भट्ठे मानक के विपरीत नहीं मिले। निरीक्षण के दौरान ईट भट्टा संचालित नहीं पाया गया। निरीक्षण के समय उपस्थित ईट भट्ठा प्रतिनिधि को राज्य बोर्ड के पत्र दिनांक 08 मई 2025 द्वारा जारी बन्दी आदेश की छायाप्रति दी गई और हिदायत दी गई कि बन्दी का पूर्णतया अनुपालन सुनिश्चित करें। भट्ठे का संचालन मिलने पर कार्रवाई की जायेगी। प्रदूषण नियन्त्रण बोर्ड यह भी देखता है कि कोई ऐसा तो भट्ठा संचालित नहीं हो रहा, जो नियम के विपरीत है। इसके लिए एनओसी यानी सहमति पत्र अनिवार्य होता है। नियमों में भट्टों के लिए निर्धारित स्थान की दूरी, चिमनी की ऊंचाई और ईंधन के प्रकार का सख्ती से पालन करना शामिल है। वहीं नये आदेश के तहत ईट भट्ठों को गांव, स्कूल, अस्पताल, कोर्ट और सरकारी दफ्तरों से 800 मीटर की दूरी पर ही खोले जाने के निर्देश हैं। ईंट-भट्ठों को नदियों से कम से कम 500 मीटर दूर होना चाहिए। राष्ट्रीय राजमार्ग (नेशनल हाईवे- छभ्) से 300 मीटर और स्टेट हाईवे (ैभ्) तथा रेलवे लाइन से 200 मीटर दूरी निर्धारित की गई है। दो ईट भट्टों के बीच की दूरी एक किलोमीटर से कम नहीं होनी चाहिए।




