बांसी में टेकधर मंदिर के ऐतिहासिक कुएं की उपेक्षा, प्रशासन खामोश

जय गोविन्द साहू /दैनिक बुद्ध का संदेश
बांसी। बांसी तहसील मुख्यालय पर प्रशासन पूरी तरह कुंभकरण की नींद में है। जिसके चलते प्राचीन, ऐतिहासिक धरोहर कुआं पर भी उपेक्षा का शिकार है। और लोग काबिज होते चले जा रहे हैं। प्रशासन मूकदर्शक की भूमिका में है।बांसी नगर क्षेत्र में बाबा टेकधर नाथ मंदिर का बहुत ही पुराना महत्व है। मंदिर से न केवल आसपास के लोगों बल्कि दूरदराज के लोगों की भी आस्था जुड़ी हुई है। मंदिर पर प्रतिदिन भारी संख्या में श्रद्धालुओ का तांता लगा रहता है। राजतंत्र के समय से ही इस ऐतिहासिक मंदिर के बाहर एक विशाल कुआं मौजूद है। जिसकी अपनी प्राचीन विशेषता व महत्ता है। पर स्थानीय प्रशासन की घोर लापरवाही के चलते उस ऐतिहासिक और प्राचीन धार्मिक महत्व के कुएं की उपेक्षा का आलम यह है कि कब्जे का आलम यह है कि उसी ऐतिहासिक कुएं पर कुछ दिन पूर्व एक होटल की भठ्ठी भी बना दी गई थी और सारा कार्य धार्मिक महत्व के कुएं के ऊपर से ही किया जा रहा था। लोगों के विरोध के बाद भट्टी और दुकान को वहां से हटाया गया लेकिन लोगों का मानना है कि हिंदू धर्म में कुएं का एक प्राचीन और अलग ही महत्व होता है। कुएं न केवल हमारी धरोहर हैं ,बल्कि हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार पूजनीय भी हैं। लेकिन स्थानीय प्रशासन ने इस ऐतिहासिक भूमि के सुंदरीकरण के प्रति कभी भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जिससे यह कुआं आज भी पूरी तरह उपेक्षित और जर्जर अवस्था में पड़ा है। जिससे लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हो रही हैं। नगर के तमाम प्रबुद्ध जनों का मानना है कि नगर पालिका प्रशासन द्वारा इस ऐतिहासिक, प्राचीन कुएं के चारों तरफ रेलिंग लगवाकर उसका सुंदरीकरण करा दिया जाए तो मंदिर के ठीक सामने स्थिति इस कुएं का सौंदर्य बढ़ सकता है और प्राचीन धरोहर को बचाया जा सकता है।
ऐतिहासिक टेकधर बाबा मंदिर का एक भव्य गेट रोडवेज चौराहे पर बनाए जाने के लिए प्रस्ताव पिछले बोर्ड की बैठक में किया जा चुका है। बोर्ड की अगली मीटिंग में इस ऐतिहासिक प्राचीन कुआं के सुंदरीकरण के लिए प्रस्ताव रखा जाएगा।
ध्रुव चंद, सभासद, आर्यनगर वार्ड बांसी
प्राचीन, ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के कुएं का निरीक्षण कर जीर्णाेद्धार को लेकर शीघ्र ही आवश्यक कार्रवाई कर इस प्राचीन कुआं का सुंदरीकरण कराया जाएगा।
जय प्रकाश यादव, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका बांसी




