भाजपा ने फिर जताया विवेकानंद मिश्र पर भरोसा, सौंपी बस्ती जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी

बस्ती। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के शीर्ष नेतृत्व ने एक बार फिर विवेकानंद मिश्र पर भरोसा जताते हुए उन्हें जिलाध्यक्ष पद की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। उनके वर्षों के संगठनात्मक अनुभव, समर्पण और नेतृत्व क्षमता को देखते हुए पार्टी ने यह निर्णय लिया। इससे पहले, लोकसभा चुनाव 2024 से ठीक पहले, भाजपा ने महेश शुक्ल को हटाकर विवेकानंद मिश्र को जिलाध्यक्ष नियुक्त किया था।चुनाव अधिकारी शंकर लाल लोधी, पर्वेक्षक सुरेन्द्र नारायण ओढ़े ने भाजपा कार्यालय पर 2 बजे सूची मोबाईल पर आने बाद विवेकानन्द मिश्र के नाम कि घोषणा किया।आप को बता दे की लोकसभा चुनाव से पहले विवेकानंद मिश्र को जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया, लेकिन संगठन की पूरी कमेटी गठित किए बिना ही उन्होंने डेढ़ साल तक जिम्मेदारी निभाई। इस दौरान उन्होंने अपने कुछ भरोसेमंद सहयोगियों के साथ मिलकर संगठन के अभियानों को सफलतापूर्वक संचालित किया।कमेटी के अभाव में संगठन को सुचारू रूप से चलाना किसी चुनौती से कम नहीं था, लेकिन विवेकानंद मिश्र ने अपनी नेतृत्व क्षमता और कुशल रणनीति से इस चुनौती को अवसर में बदल दिया। विभिन्न कार्यक्रमों, अभियानों और आंदोलनों को सफलतापूर्वक संपन्न कराते हुए उन्होंने कार्यकर्ताओं में उत्साह बनाए रखा।उनकी कार्यशैली का परिणाम यह रहा कि संगठन की गतिविधियाँ बाधित नहीं हुईं, बल्कि लगातार गतिशील बनी रहीं। उनके इस नेतृत्व और प्रबंधन कौशल की सराहना कार्यकर्ताओं और शीर्ष नेतृत्व द्वारा भी की गई। अंततः उनके प्रयासों के चलते संगठन को मजबूती मिली और सभी अभियानों को सफलता पूर्वक अंजाम दिया गया।लोग कयास लगा रहे थे कि इनमें से कौन जिलाध्यक्ष बनेगा, लेकिन असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। विवेकानंद मिश्र भाजपा के पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी के अति करीबियों में माने जाते है, लेकिन उन पर कहीं किसी तरह के कोई आरोप पार्टी में नहीं लगे हैं। सबको साथ लेकर चलने वाले विवेकानंद मिश्र के नाम पर शीर्ष नेतृत्त्व द्वारा मुहर लगाए जाने से पार्टी कार्यकर्ताओं में प्रसन्नता है।कार्यक्रम का संचालन अमृत कुमार वर्मा ने किया।इस मौके पर प्रेम सागर त्रिपाठी, पवन कसौधन, महेश शुक्ल, यशकांत सिंह, राजेन्द्र गौड़, सुशील सिंह, राम सिंगार ओझा, आनन्द सिंह कलहंस, गोपेश्वर त्रिपाठी, अनिल दुबे, चन्द्र शेखर मुन्ना, राकेश श्रीवास्तव, भानु प्रकाश मिश्र, अश्वनी श्रीवास्तव, गजेन्द्र सिंह, राजकुमार शुक्ल, दिलीप पाण्डेय, रवि तिवारी, सुरेन्द्र सिंह, आदित्य शर्मा, गौरव अग्रवाल, मनीष चौबे,गौरव मणि त्रिपाठी, सुजीत सोनी, शिव चरन जायसवाल, राजेश कमलापुरी, मनोज कुमार पाठक, लवकुश शुक्ल, श्याम नाथ चौधरी, दिलीप भट्ट, धर्मेन्द्र जायसवाल, अलोक पाण्डेय, अंकित पाण्डेय, वेद प्रकाश त्रिपाठी, दुर्गेश अग्रहरी, संजय चौरसिया, कामेंद्र चौहान, सर्वजीत भारती, गंगेश सिंह, विजय भान सिंह सहित जिले के सभी पदाधिकारी मण्डल अध्यक्ष एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।




