सिद्धार्थनगर : जयकारों के साथ हुआ दुर्गा प्रतिमाओं का बिसर्जन

दैनिक बुद्ध का संदेश
शोहरतगढ़/सिद्धार्थनगर। शरदीय नवरात्र पर कस्बे में स्थापित सभी दुर्गा प्रतिमाओं को गगनभेदी जयकारों के साथ स्थानीय डोई नदी में विसर्जित कर दिया गया। मूर्ति विसर्जित करने पहुंचे लोग रात भर अबीर-गुलाल से सराबोर रहे। बारिश के बीच भी रात भर लोग डीजे की धुन पर थिरकते रहे। बताते चले दुर्गा प्रतिमाओं के बिसर्जन को लेकर आनन-फानन में दुर्गा पूजा संचालन समिति के अध्यक्ष सौरभ गुप्ता की अगुवाई में स्थानीय श्रीराम जानकी मंदिर परिसर में गुरूवार की दोपहर 12 बजे सभी पाण्डाल अध्यक्ष समेत समिति के पदाधिकारियों की एक बैठक बुलाई गई, जिसमें समिति के पूर्व महामंत्री मनोज गुप्ता, समाजसेवी नीलू रूँगटा, भीम चौधरी, बनवारी गुप्ता ने अपने अपने विचार व्यक्त किये। दिन अथवा रात्रि में दुर्गा प्रतिमाओं के बिसर्जन की उहापोह की स्थिति को स्पष्ट करते हुए यह निर्णय लिया गया कि बिसर्जन रात्रि में ही होगा। रात्रि विसर्जन निर्णय को लेकर सबसे ज्यादे समस्या शार्ट-सर्किट को लेकर आ रही थी। शार्ट-सर्किट से बचाव के उपाय को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है दुर्गा प्रतिमाओं पर जनरेटर न हो, डीसी लाइट प्रयोग में लायी जाय और डीजे सेटअप की ट्राली आदि से ही अलग लाइट उपयोग में लाई जाय।


इस दौरान बरसात को देखते हुए समिति अध्यक्ष सौरभ गुप्ता द्वारा सभी पांडालों पर त्रिपाल की व्यवस्था कराई गई। इसी कड़ी में शोहरतगढ़ क्षेत्र के कस्बा समेत नीबी दोहनी, गड़ाकुल, छतहरी, छतहरा, मेढ़वा, नरायनपुर गांव में स्थापित देवी प्रतिमाओं को विसर्जित करने के लिए गुरुवार की रात्रि में डोला उठा। बजरंग अखाड़े के साथ श्रीराम जानकी मंदिर से निकला डोला अनूप कसौधन तिराहा पहुंचा और दुर्गा पूजा संचालन समिति के पदाधिकारियों द्वारा नियमानुसार डोला क्रम में लगवाते रहे। श्रीराम जानकी रथ के पीछे सभी प्रतिमाएं लगती रही। दुर्गा प्रतिमाओं का डोला अनूप कसौधन के घर से वापस पुलिस पीकेट, रामजानकी मंदिर मार्ग, सरकारी अस्पताल, गड़ाकुल होते हुए वापस टाउन एरिया ऑफिस, गोलघर, भारत माता चौक, सोनारी मोहल्ला होते हुए प्रेम लगी पहुंची। इसके बाद मोती चौक होते हुए डोई नदीं पहुंची। यहां भक्तों ने एक-एक कर प्रतिमाओं को विसर्जित किया। भक्त मां के जयकारों, अबीर-गुलाल के साथ भक्ति गीतों पर रात भर थिरकते रहे। जगह-जगह लोगों ने देवी दुर्गा की अर्चना कर विदाई दी। इस वर्ष बारिश की बूंदें श्रद्धालु की आस्था को डिगा न पाई। श्रीरामजानकी मंदिर से निकलने वाला बजंरग अखाड़ा परंपरागत तरीके से खेला गया। सभी को कला व शक्ति कौशल प्रदर्शन का मौका भी दिया गया। डोला का संचालन कर रहे अध्यक्ष सौरभ गुप्ता ने कार्यक्रम सकुशल सम्पन्न होने पर प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। विदित हो दोई घाट पर मूर्ति विसर्जन हेतु ग्राम प्रधान महदेवा नानकार राममिलन चौधरी द्वारा गोताखोरों की मदद से सभी मूर्तियों का सकुशल बिसर्जन कराया गया। इस दौरान उपजिलाधिकारी उत्कर्ष श्रीवास्तव, सीओ जय राम, तहसीलदार राजेश प्रताप सिंह, नायब तहसीलदार गौरव कुमार, सदर कानूनगो शारदा प्रसाद मिश्रा, लेखपाल अनिरुद्ध चौधरी, लेखपाल रामकुमार तिवारी, सुनील श्रीवास्तव सहित सुरक्षा व्यवस्था में इंस्पेक्टर पंकज कुमार पाण्डेय, चौकी प्रभारी खुनुवा उपनिरीक्षक महेन्द्र चौहान, उपनिरीक्षक रामा प्रसाद यादव, का अशोक पासवान, का शैलेश शर्मा, का लव सिंह सैथवार समेत पीडब्लूडी के राणा सिंह, सांसद प्रभारी सूर्य प्रकाश पाण्डेय, मनोज कुमार गुप्ता, शैलेन्द्र कौशल, महेश गुप्ता, कृष्ण कुमार अग्रवाल, दुर्गा प्रसाद त्रिपाठी, नन्दू गौड़, श्यामसुंदर चौधरी, राजकुमार मोदनवाल, सोनू निगम उर्फ पहलवान, अनूप कसौधन, रवि अग्रवाल, राकेश वर्मा, नीलू रुंगटा, सर्वेश कुमार खेतान, रवि गुप्ता, दीपक कौशल, दीनानाथ गुप्ता, श्यामू कसौधन, राजेश गुप्ता, दुर्गा पटवा, गोपाल, राजाराम चौरसिया, विकास त्रिपाठी, राजेश अग्रहरि, घनश्याम गुप्ता, राजेन्द्र भारती, रवि गुप्ता, कैलास पटवा, सुपरस्टार गौरीशंकर देहाती, राजू बाबा, आयुष निगम, राजेश आर्य, प्रेम आर्य, दुर्गेश तिवारी सहित दुर्गा पूजा संचालन समिति के समस्त पदाधिकारी एवं वालंटियर्स टीम मौजूद रहे।




