श्रावस्ती में रेलवे लाइन निर्माण ने पकड़ी रफ्तार ,प्रभावितलोग 7 नवंबर तक करें दावा पेश

श्रावस्ती। खलीलाबाद-बहराइच नई रेलवे लाइन परियोजना से जुड़े भूमि अधिग्रहण को लेकर प्रशासन ने प्रभावित किसानों व भूमि स्वामियों के लिए महत्वपूर्ण सूचना जारी की है। अपर जिलाधिकारी एवं सक्षम प्राधिकारी (भूमि अधिग्रहण) अमरेन्द्र कुमार वर्मा ने बताया कि जिन लोगों की भूमि रेलवे परियोजना में आ रही है, वे अपना दावा (क्लेम) आगामी 7 नवंबर 2025 तक अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय सीमा के बाद कोई दावा स्वीकार नहीं किया जाएगा। सभी संबंधित व्यक्ति 7 नवंबर को पूर्वाह्न 11 बजे कलेक्ट्रेट श्रावस्ती (भिनगा) स्थित कार्यालय में उपस्थित होकर अपने दावे प्रस्तुत कर सकते हैं। प्रभावित क्षेत्र यह परियोजना पूरबोत्तर रेलवे, गोरखपुर के अधीन संचालित है। भूमि अधिग्रहण का प्रभाव तहसील जमुनहा के ग्रामों कृ नेवरिया, मोहरनिया, सोनवा, हुसैनपुर खुरहरी, अकारा, लखाही खास और बारावा हरगुन कृ पर पड़ा है। अधिसूचना का प्रकाशन 9 जुलाई 2025 को भारत के राजपत्र में तथा 27 जुलाई 2025 को प्रमुख समाचार पत्रों में किया गया था। अधिकारियों के अनुसार, संपत्तियों का मूल्यांकन कार्य पूर्ण हो चुका है और परियोजना से संबंधित सभी अभिलेख उपजिलाधिकारी जमुनहा कार्यालय में उपलब्ध हैं, जिनका अवलोकन कोई भी प्रभावित व्यक्ति कर सकता है। श्रावस्ती को मिलने जा रही ऐतिहासिक सौगातरू खलीलाबाद-बहराइच रेलवे लाइन के फेज-2 के लिए श्रावस्ती में 535.50 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण प्रस्ताव रेल मंत्रालय को भेजा जा चुका है। यह लाइन उतरौला से होते हुए बलरामपुर, श्रावस्ती, भिनगा और बहराइच तक जाएगी। परियोजना के तहत तीनों तहसीलों के कुल 28 गांवों से होकर लगभग 41 किलोमीटर लंबी रेल लाइन बिछाई जानी है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद श्रावस्ती जिले को पहली बार रेलवे सुविधा प्राप्त होगी। इससे न केवल जिले के लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी बल्कि व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे। अधिकारियों की अपील अपर जिलाधिकारी ने सभी प्रभावित किसानों से अनुरोध किया है कि वे निर्धारित तिथि के भीतर अपने दावे समय पर प्रस्तुत करें, ताकि उन्हें उचित मुआवजा और अधिकारिक लाभ मिल सके।




