सड़क हादसे के बाद अस्पताल की लापरवाही पर बवाल, भीम आर्मी का धरने का ऐलान

श्रावस्ती। इकौना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एक बार फिर सुर्खियों में है। हाल ही में हुए सड़क हादसे में घायल दो दलित बच्चों के इलाज के दौरान अस्पताल प्रशासन की लापरवाही सामने आने के बाद क्षेत्र में आक्रोश फैल गया है। आरोप है कि गंभीर रूप से घायल बच्चों के इलाज के लिए टांका लगाने हेतु डॉक्टरों ने परिजनों से “धागा मंगाने” को कहा। इस अमानवीय व्यवहार के बाद परिजन भड़क उठे और मामले की जानकारी स्थानीय संगठनों को दी। मामला तूल पकड़ते ही भीम आर्मी मैदान में उतर आई। संगठन के उत्तर प्रदेश संयोजक कुलदीप भार्गव मंगलवार को पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने अस्पताल प्रशासन पर दलित बच्चों के साथ भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि यह घटना न केवल प्रशासनिक लापरवाही है, बल्कि सामाजिक अन्याय का प्रतीक भी है। कुलदीप भार्गव ने चेतावनी दी कि अगर तीन दिन के भीतर दोषी अधीक्षक और संबंधित कर्मचारियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो भीम आर्मी अस्पताल परिसर में धरना-प्रदर्शन करेगी। उन्होंने कहा कृ “अगर दलित बच्चों को न्याय नहीं मिला, तो खुद चंद्रशेखर आज़ाद श्रावस्ती आकर आंदोलन का नेतृत्व करेंगे।” भीम आर्मी ने अस्पताल अधीक्षक के गैर जिम्मेदाराना बयान पर भी नाराजगी जताई और मांग की कि तत्काल प्रभाव से उन्हें निलंबित किया जाए। वहीं, इस पूरे मामले को लेकर स्थानीय प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। सूत्रों के अनुसार, उच्च अधिकारियों ने घटना की प्रारंभिक जांच के आदेश दे दिए हैं। क्षेत्र में अब यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि क्या इकौना अस्पताल में वाकई में दलित परिवारों के साथ भेदभाव किया जा रहा है।




