31 अक्टूबर को बूथ स्तर पर मनाई जाएगी लौह पुरुष सरदार पटेल की 150वीं जयंती- प्रभारी मंत्री राकेश सचान

बलरामपुर। आगामी 31 अक्टूबर को पूरे देश में लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती भारतीय जनता पार्टी द्वारा बड़े स्तर पर अभियान स्वरूप मनाई जाएगी। पार्टी ने इस अवसर को बूथ स्तर तक मनाने का निर्णय लिया है। यह जानकारी सोमवार को अटल भवन कार्यालय में आयोजित सरदार पटेल 125वीं जयंती समारोह अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री एवं उत्तर प्रदेश सरकार के प्रभारी मंत्री राकेश सचान ने दी।प्रभारी मंत्री राकेश सचान ने अपने संबोधन में कहा कि सरदार पटेल ने देश की आजादी और एकता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने 565 रियासतों को जोड़कर अखंड भारत का निर्माण किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरदार पटेल को सम्मान देने के उद्देश्य से दुनिया की सबसे ऊँची प्रतिमा कृ श्स्टैच्यू ऑफ यूनिटीश् का निर्माण कराया,जो उनके योगदान को अमर करता है। मंत्री ने बताया कि 31 अक्टूबर को सरदार पटेल की जयंती पर ष्रन फॉर यूनिटीष् कार्यक्रम का आयोजन जिलेभर में किया जाएगा। साथ ही,उन्होंने घोषणा की कि 6 नवंबर से 25 नवंबर तक जिले के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 8 किलोमीटर लंबी पदयात्रा निकाली जाएगी। पदयात्रा के समापन पर भाषण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा,जिसमें कार्यकर्ताओं और नागरिकों को सरदार पटेल के विचारों और योगदान से अवगत कराया जाएगा। इसके अलावा,विद्यालयों में निबंध,भाषण प्रतियोगिता और सरदार पटेल के जीवन पर चर्चा जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे,ताकि युवा पीढ़ी को उनके संघर्ष और राष्ट्र निर्माण में योगदान की जानकारी मिल सके।राकेश सचान ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार हर जिले में लगभग 100 एकड़ भूमि पर पटेल पार्क का निर्माण कराने जा रही है,ताकि भावी पीढ़ियाँ सरदार पटेल से प्रेरणा ले सकें।इस अवसर पर जिलाध्यक्ष रवि मिश्रा,सदर विधायक पलटू राम,तुलसीपुर विधायक कैलाश नाथ शुक्ला,उतरौला विधायक राम प्रताप वर्मा,नगर पालिका अध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप सिंह धीरू,जिला मीडिया प्रभारी डीपी सिंह बैस और जिला मीडिया संयोजक अवधेश पाण्डेय उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में प्रभारी मंत्री ने सभी कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे 31 अक्टूबर को सरदार पटेल की जयंती को जन-जन के उत्सव में बदलें और उनके आदर्शों को समाज तक पहुँचाएँ।




