यूट्यूब लाइव सत्र में जनपद के विद्यार्थियों ने दिखाई सहभागिता

बस्ती। विकसित भारत बिलडाथन के सिलसिलेवार गतिविधियों के क्रम में प्रातः 9रू30 बजे से एक लाइव यूट्यूब सेशन आयोजित किया गया था जिसमें जनपद के सभी विद्यालयों के छात्रों एवं शिक्षकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। इस अवसर पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनूप कुमार ने बताया कि “समस्त उच्च प्राथमिक विद्यालयों के अध्यापकों को सतत रूप से एस.आर.जी. एवं ए.आर.पी. के माध्यम से हैंड होल्डिंग की जा रही है। विद्यालयों द्वारा रजिस्ट्रेशन तथा स्टूडेंट और टीचर लॉगिन पूर्ण करने के उपरांत टीमों का निर्माण किया जा चुका है। राष्ट्रीय स्तर पर चार थीम आत्मनिर्भर भारत, लोकल फ़ॉर वोकल, स्वदेशी और समृद्ध भारत निर्धारित की गई हैं। बच्चों द्वारा आईडिया वीडियो अथवा प्रोजेक्ट प्रोटोटाइप वीडियो वेबसाइट पर अपलोड किए जा रहे हैं, जिनकी सतत मॉनिटरिंग की जा रही है। और साइट पर उपलब्ध कंटेंट से मदद ले जा रही है” इसी क्रम में उच्च प्राथमिक विद्यालय बहेरिया में ग्राम प्रधान को अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया, जहाँ बच्चों ने उत्साहपूर्वक यूट्यूब सेशन में सहभागिता की। इस अवसर पर एस.आर.जी. आशीष श्रीवास्तव, प्रधानाध्यापक ओमप्रकाश शुक्ला, शिक्षक विवेक वर्मा एवं विनय वर्मा उपस्थित रहे। वहीं उच्च प्राथमिक विद्यालय पिपराजपती में ग्राम प्रधान मंजू देवी के साथ शिक्षक लाल देवेंद्र कुमार श्रीवास्तव, मोहम्मद इमरान, महेंद्र विश्वकर्मा एवं राजेंद्र कुमार शुक्ला मौजूद रहे। उच्च प्राथमिक विद्यालय बभनगवां कला,गौर व उच्च प्राथमिक विद्यालय बटेला ,साऊँघाट ,उच्च प्राथमिक विद्यालय जगतापुर,संविलयन विद्यालय नेवादा में भी विकसित भारत बिल्डथन का यूट्यूब सेशन सफलतापूर्वक संचालित किया गया। जिला समन्वय प्रशिक्षण स्वप्निल श्रीवास्तव ने बताया कि “विकसित भारत बिलडाथन बच्चों की रचनात्मकता और नवाचार क्षमता को उभारने का एक उत्कृष्ट अवसर है। इस पहल से विद्यालयों में नवाचार की भावना सशक्त होगी और छात्र आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपना योगदान देंगे।” एस आर जी आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि आज 5 विद्यालय पर शामिल हुए बच्चों को जानकारी साझा की गई और विकसित भारत का यह प्रक्रम राष्ट्र निर्माण में किस प्रकार भूमिका निभाएगा को बताया गया साथ में यह भी बताया गया कि रुपया एक करोड़ का राष्ट्र प्रदेश तथा जनपद में किस प्रकार से विजेताओं को दिया जाना है।इसका लक्ष्य 2047 तक, यानी भारत की स्वतंत्रता की शताब्दी पर, देश को एक प्रौद्योगिकी-आधारित, आर्थिक रूप से मजबूत और सामाजिक रूप से समावेशी राष्ट्र बनाना है।



