प्रसाशन ने पटाखों पर सख्ती से जनता नाराज, “त्योहार है साहब, गाइडलाइन बनाइए, जेल नहीं!”

इटवा/सिद्धार्थनगर। दीपावली और अन्य त्योहारों को देखते हुए पटाखों की बिक्री व भण्डारण पर पुलिस-प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। इसी क्रम में कई दुकानों और घरों से भारी मात्रा में पटाखे बरामद कर लिए गये हैं। पुलिस ने बिना लाइसेंस पटाखे रखने वालों पर कार्रवाई करते हुए कुछ जगहों पर सामग्री को थाने में जमा कर लिया गया, लेकिन इस कार्रवाई के बीच स्थानीय व्यापारियों और आम नागरिकों ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि त्योहार पर रोजगार और परम्परा दोनों जुड़े हैं, ऐसे में प्रशासन को नियम बनाकर नियंत्रित तरीके से पटाखों की बिक्री की अनुमति देनी चाहिए। इटवा बाजार के एक व्यापारी ने बताया कि “हम हर साल छोटे स्तर पर पटाखे बेचते हैं। इस बार बिना किसी नोटिस के पुलिस ने स्टॉक जब्त कर लिया। त्योहार पर रोजी-रोटी पर चोट लग रही है। अगर नियम हैं, तो गाइडलाइन दीजिए, हम उसी के मुताबिक चलेंगे।” वहीं दूसरे इटवा निवासी ने कहा कि “घर में थोड़े पटाखे रखे थे बच्चों के लिए, पुलिस ने सब ले लिए। मनाने दीजिए, जेल हल नहीं – नियम से बेचने और मनाने की छूट दीजिए।” वहीं व्यापार मण्डल के प्रतिनिधियों ने प्रशासन से अनुरोध किया है कि अस्थायी दुकानों के लिए ट्रेड लाइसेंस व फायर सेफ्टी की प्रक्रिया सरल की जायें।सुरक्षित स्थानों पर सीमित मात्रा में स्टॉक की अनुमति दी जायें। गाइडलाइन के तहत बिक्री का समय और स्थल तय किया जायें। व्यापारियों का कहना है कि “त्योहार के मौके पर पूर्ण प्रतिबन्ध की जगह नियमन बेहतर होगा।” वहीं स्थानीय लोगों ने साफ कहा कि “हम भी सुरक्षा चाहते हैं, लेकिन त्योहार पर खुशी मनाने का हक भी हमारा है। प्रशासन हमें भरोसा करें -नियम बनाइए, हम उनका पालन करेंगे।” वहीं मामला फिलहाल प्रशासनिक समीक्षा में है, और उम्मीद जताई जा रही है कि जिला प्रशासन जल्द ही पटाखों की बिक्री के लिए नई गाइडलाइन जारी कर सकता है, जिससे त्योहार भी सुरक्षित रहे और रोजगार भी प्रभावित न हो।




