शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में तुलसीपुर में स्वयंसेवकों ने भव्य पथ संचलन निकाला

बलरामपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में तुलसीपुर में स्वयंसेवकों ने भव्य पथ संचलन निकाला, जिसमें संघ के विचार और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को मजबूती से दर्शाया गया। पथ संचलन बुद्धा मैरिज लॉन से शुरू होकर पुरानी बाजार, जरवा रोड होते हुए लाल चौराहा से वापस बुद्धा मैरिज लॉन में समाप्त हुआ। इस दौरान, क्षेत्र प्रचार प्रमुख सुभाष ने अपने उद्बोधन में संघ के उद्देश्यों और हिंदुत्व की भावना पर प्रकाश डाला। हिंदुत्व ही राष्ट्र का आधाररू क्षेत्र प्रचार प्रमुख सुभाष क्षेत्र प्रचार प्रमुख सुभाष ने अपने संबोधन में कहा कि संघ के शताब्दी वर्ष में यह पथ संचलन केवल शक्ति प्रदर्शन नहीं, बल्कि संघ के विचार, आचार, व्यवहार और विस्तार का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि संघ के विस्तार का सबसे बड़ा कारण ‘हिंदु राष्ट्र की पुनर्प्रतिष्ठा‘ का विचार है। सुभाष ने स्पष्ट किया कि हिंदुत्व सबको साथ लेकर चलता है और सबको अपना परिवार मानता है, क्योंकि इसकी मूल भावना ‘वसुधैव कुटुंबकम‘ की है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के कथन का उल्लेख करते हुए कहा कि हमें ऐसा प्रयास करना चाहिए कि दुनिया का सबसे अच्छा नाम ‘हिंदुत्व‘ बन जाए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि संघ में अगड़ा-पिछड़ा का कोई भेद नहीं है। उन्होंने कहा कि संघ व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण करेगा और संघ के स्वयंसेवक का आचार ही उसका प्रमाण पत्र है। संगठन और स्वयंसेवकों की भागीदारी क्षेत्र प्रचार प्रमुख ने बताया कि संगठन को मजबूत करने के लिए प्रत्येक मंडल एवं बस्ती में आरएसएस की शाखाएं संचालित हैं और आने वाले समय में मतांतरण जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दों पर भी काम करना होगा। पथ संचलन में विभाग प्रचारक प्रवीण, जिला प्रचारक जितेंद्र, शैलेन्द्र, डॉ. विकल्प, अभिमन्यु, अशोक, मीना किन्नर सहित सैकड़ों स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश में कदमताल करते हुए उपस्थित रहे। संचलन के दौरान सड़क के दोनों किनारों पर खड़े नागरिकों ने पुष्प वर्षा कर स्वयंसेवकों का उत्साह बढ़ाया। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए, जिनमें विधायक कैलाश नाथ शुक्ला और पूर्व जिला अध्यक्ष भाजपा प्रदीप सिंह प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। पथ संचलन ने तुलसीपुर में एक अनुशासित और संगठित समाज का प्रभावशाली संदेश दिया।




