यूपीएससी की तैयारी कर रहे छात्र, कार समेत 30 फीट खाई में गिरा, हुई मौत

उसका बाजार/सिद्धार्थनगर। जनपद सिद्धार्थनगर में यूपीएससी की तैयारी कर रहे छात्र, कार समेत 30 फीट गहरी खाई में गिर गया। जिसके कारण मौके पर ही मौत हो गई। आपको बता दें कि 28 बर्षीय मनीष पाण्डेय दिल्ली में रहकर यूपीएससी की तैयारी कर रहा था, जो दशहरे में घर आया था। पांच दिन बाद यानी 12 अक्टूबर को उसका सिद्धार्थ यूनिवर्सिटी में सब-रजिस्ट्रार के पद के लिए इन्टरव्यू था। इसीलिए वह घर पर रुक गया था। हादसा जोगिया उदयपुर थाना क्षेत्र में सोमवार देर रात हुआ। पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराया है। थाना क्षेत्र उसका बाजार के महुलानी गांव निवासी मनीष पाण्डेय सोमवार को किसी काम से बांसी गये थे। रात करीब 10 बजे उन्होंने अपने बड़े भाई आशीष पाण्डेय को फोन किया। बताया कि एक घन्टे में घर पहुंच जायेंगे। घरवाले उनके लौटने का इंतजार कर रहे थे। लेकिन देर रात तक मनीष पाण्डेय घर नहीं पहुंचे। परेशान होकर आशीष पाण्डेय ने फोन मिलाया, तो पुलिस ने कॉल रिसीव किया। पुलिस ने बताया कि हादसे में उनके भाई की मौत हो गई है। यह सुनते ही परिवार में मातम छा गया। मनीष पाण्डेय के पिता वीरेन्द्र पाण्डेय का निधन पहले ही हो चुका था। परिवार में बड़े भाई के अलावा मां और भाभी हैं। परिजनों ने बताया कि मनीष शुरू से ही पढ़ाई में होनहार थे। 2017 में यूपीएससी की तैयारी के लिए दिल्ली के मुखर्जी नगर गये थे। 2021 में लखनऊ सचिवालय में सचिव एडवाइजर मनरेगा के तौर पर नौकरी लग गई थी। 2024 तक वहां काम किया, फिर इस्तीफा दे दिया। इसके बाद दिल्ली चले गये और तैयारी करने लगे। इसके बाद उन्होंने आरओ का पेपर दिया, जिसमें प्री क्लियर कर लिया। इस बीच सिद्धार्थ यूनिवर्सिटी में सब-रजिस्ट्रार के पद पर उनका सिलेक्शन हो गया। इसका इन्टरव्यू 12 अक्टूबर को होना था। मनीष दशहरा पर घर आये, तो यहीं रुक गये थे। परिजनों से कहा कि अब इन्टरव्यू के बाद ही दिल्ली जायेंगे। बड़े भाई ने बताया कि वे नेहरू इन्टर कॉलेज में बाबू के पद पर नौकरी करते हैं। उसकी जिले में ही नौकरी लगने जा रही थी, तो घर में खुशी का माहौल था। हम लोग उसकी शादी की तैयारी कर रहे थे। इसके लिए कई जगह बात चल रही थी। जोगिया थानाध्यक्ष मीरा चौहान पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से शव को खाई से बाहर निकलवाया। फिर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। थानाध्यक्ष ने बताया कि हादसा रात के समय हुआ, जब कार तेज गति से मोड़ पर पहुंची और नियन्त्रण खो बैठी। वहीं आस-पास के लोगों ने बताया कि ककरही पुल से जोगिया के बीच यह सड़क बेहद खतरनाक है। दोनों ओर गहरी खाई होने के कारण यहां पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। लोगों ने प्रशासन से कई बार रेलिंग या सुरक्षा बैरियर लगाने की मांग की है। लेकिन, आज तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।




