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उत्तर प्रदेशबहराइच

पटिहाट चौराहे पर अवैध रूप से संचालित पाया गया मदरसा

जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी बहराइच ने रजिस्टर्ड 40 बालिकाओं के बारे में मांगी जानकारी

पयागपुर/बहराइच। पयागपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत पटिहाट चौराहे पर चल रहे अवैध मदरसे के बारे में जानकारी करने के लिए जब पत्रकार की टीम खबर का कवरेज करने के लिए पहुंची तो चल रहे अवैध मदरसे के अंदर मदरसे का संचालक मौके से गायब मिला और मदरसे के संचालक के पिता और उनकी बेटी मिले। अवैध मदरसे के साथ-साथ दुकान भी संचालक चलाता है। जब मदरसे के संचालक के बारे में पत्रकारों ने उसकी बेटी से पूछा तो उसने बताया कि मुझे नहीं पता है कि वह कहां गए हैं और जब मदरसे के संचालन के बारे में पूछा तो उसने बताया कि पिछले एक वर्ष से मदरसे का संचालन हो रहा है तथा मैं मदरसे में बच्चियों को शिक्षा देती हूं और जब योग्यता के बारे में पूछा गया तो उसने बताया कि मैं इंटर पास हूं तथा जब नाबालिक लड़कियों के बारे में पूछा गया तो उसने बताया कि लड़कियां मेरे गांव तथा मेरे आस-पास के रिश्तेदार की लड़कियां हैं जो यहां शिक्षा लेने के लिए आती हैं और रहती भी हैं। लेकिन सबसे बड़ा प्रश्न यहां पर यह उठता है कि आखिर अवैध मदरसे में मिली 40 नाबालिक लड़कियां किस आधार पर शिक्षा ग्रहण करती थी यह भी जांच का विषय है तथा लड़कियों को शौचालय में क्यों बंद किया गया, इस पर भी बहुत कुछ संशय और संदेह बरकरार बना हुआ है तथा अवैध मदरसे से तीन लड़कियों को सूटकेस सहित बाहर जाते हुए भी देखा गया। स्थानीय लोगों से जब अवैध मदरसे के संचालक के बारे में जानकारी ली गई तो उन्होंने इसके चरित्र पर भी शंका जाहिर किया। इसके बाद जब पत्रकारों की टीम तहसील पयागपुर पहुंची और एसडीएम पयागपुर से इस मामले में पूछा गया तो एसडीएम पयागपुर ने बताया कि जानकारी मिलने पर चल रहे मदरसे पर पहुंचकर औचक निरीक्षण किया गया तो निरीक्षण के दौरान मदरसे का संचालक पहले अंदर नहीं जाने दिया फिर इसके बाद जब सख्ती बरती गई तो बात मानकर उसने अंदर जाने दिया। पहुंचने के बाद यह देखा गया कि 40 लड़कियां नाबालिक मिली और उन्हें शौचालय में बंद करके रखा गया था लेकिन लड़कियों को शौचालय में बंद करके क्यों रखा गया यह भी जांच का विषय है तथा 40 नाबालिक लड़कियों के बारे में जब पूछा गया कि यह कहां की है तो उन्होंने बताया कि पुलिस इस बारे में जांच कर रही है और जल्द ही जानकारी प्राप्त होगी तथा मदरसे का संचालक कोई वैध कागजात भी नहीं दिखा पाया, कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी बहराइच को पत्राचार किया जा रहा है। वही अल्पसंख्यक अधिकारी बहराइच खालिद मोहम्मद ने बताया कि पटिहाट चौराहे पर अवैध चल रहे मदरसे के बारे में जानकारी मिली तो शाम के समय वहां पहुंचा तो वहां पर 40 लड़कियां रजिस्टर में रजिस्टर्ड मिली तथा मदरसा पिछले 3 वर्षों से संचालित हो रहा था तथा यह मदरसा गैर मान्यता प्राप्त था। मौखिक रूप से मदरसे को बंद कर देने के बारे में भी कहा गया और सभी लड़कियों को उनके परिजनों को सुपुर्द कर दें। रजिस्टर्ड सभी 40 लड़कियों के बारे में भी जानकारी देने के लिए बताया गया। सभी 40 लड़कियां डर के मारे शौचालय में छिप गई थी। अब देखना है कि इस गंभीर प्रकरण में शासन प्रशासन किस प्रकार कार्रवाई करेगा तथा आसपास के क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है कि आखिर इतने कम दिनों में यह कैसे धनवान बन गया तथा इसका मकान जो बना है जब इसके बारे में उप जिलाधिकारी पयागपुर से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि इसके बारे में जांच करवाई जा रही है जो भी जानकारी सामने आएगी उसी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

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