खीरा मंडी कांडः आरोपियों की गिरफ्तारी में देरी से भड़का आक्रोश, ग्रामीणों ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

डुमरियागंज/सिद्धार्थनगर। डुमरियागंज थाना क्षेत्र के रमवापुर उर्फ नेबुआ गांव में कार ठोकर विवाद को लेकर दो सगे भाइयों पर हुए जानलेवा हमले के मामले में शेष आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से लोगों में आक्रोश बढ़ गया है। गुरुवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण ब्लाक परिसर में एकत्र हुए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए तहसील परिसर पहुंचकर उपजिलाधिकारी राजेश कुमार को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने सभी आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और कठोर कार्रवाई की मांग की। गौरतलब है कि बीते 11 सितंबर की रात खीरा मंडी के पास दबंगों ने दो भाइयों को कार से उतारकर बेरहमी से पीटा था और रमवापुर उर्फ नेबुआ ले जाकर धारदार हथियार से गला काटने की कोशिश की थी। गंभीर हालत में दोनों भाइयों को लखनऊ मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। पीड़ित पक्ष की तहरीर पर पुलिस ने 10 नामजद और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। अब तक केवल नामजद आरोपी शिवपूजन पुत्र रामराज को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है, जबकि अन्य आरोपी फरार हैं। ज्ञापन सौंपते हुए वादी शुभम त्रिपाठी ने बताया कि उन्हें और उनके परिजनों को मुकदमा वापस लेने की धमकी दी जा रही है। साथ ही घटना से जुड़े वीडियो में कई नए नाम सामने आने के कारण ग्रामीणों का गुस्सा और बढ़ गया है। उपजिलाधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि प्राप्त ज्ञापन को पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थनगर और क्षेत्राधिकारी डुमरियागंज को अग्रसारित कर दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान नरेन्द्रमणि त्रिपाठी, अजीत कुमार उपाध्याय, अजय पाण्डेय, ब्रजेश कुमार, विकास चंद्र, उमापति, राम आशीष पाठक, अभयराम पाण्डेय, मकेश्वर पाण्डेय, सुनील पाठक, विनोद कुमार, राकेश पाण्डेय, दिनेश पाण्डेय, सोनू पाण्डेय आदि सहित भारी संख्या में लोग मौजूद रहे।




