शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्यता समाप्ति की मांग को लेकर सौंपा गया ज्ञापन

महराजगंज। उ०प्र० प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर जिलेभर के हजारों शिक्षक एकजुट होकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपा। इस आंदोलन का नेतृत्व जिलाध्यक्ष केशव मणि त्रिपाठी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष बैजनाथ सिंह एवं जिलामंत्री सत्येंद्र कुमार मिश्र ने किया। ज्ञापन के द्वारा संगठन ने मांग किया कि जुलाई 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता समाप्त की जाए। संघ ने स्पष्ट किया कि निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 तथा वर्ष 2017 में किए गए संशोधन के अनुसार यह प्रावधान केवल उन्हीं शिक्षकों पर लागू होता है, जिन्हें 25 अगस्त 2010 के बाद केंद्र सरकार अथवा 29 जुलाई 2011 के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने नियुक्त किया था। ऐसे में 29 जुलाई 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों को टीईटी परीक्षा देने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता। जिलाध्यक्ष ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के 1 सितंबर 2025 के हालिया निर्णय से शिक्षकों में भ्रम और आक्रोश की स्थिति उत्पन्न हो गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि केंद्र सरकार ने इस संबंध में स्पष्ट आदेश जारी नहीं किया और 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से मुक्त नहीं किया, तो संगठन व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होगा। इस अवसर पर जिला कोषाध्यक्ष मनौव्वर अली, संयुक्त मंत्री अखिलेश पाठक, ब्लॉक अध्यक्ष राघवेंद्र पांडेय, अरविंद गुप्ता, अलाउद्दीन खान, धीरज शाही, वीरेंद्र सिंह, धनप्रकाश त्रिपाठी, देवेंद्र मिश्र, विजय प्रताप पांडेय, विजय यादव, संजय यादव, धन्नू चौहान, हरिश्चंद्र चौधरी, मनोज वर्मा, राजेश यादव, अनूप कुमार, जगत सिंह, विनोद कुमार, चंद्र भूषण पटेल, दुर्गेश पांडेय, अमरेंद्र प्रताप सिंह, गोपाल पटेल, सुधाकर राय, राकेश सिंह, पंकज मौर्य, आशीष सिंह, मौसम, निमिषा, शशिकला, किरण त्रिपाठी, सुशील सिंह, नवीन शुक्ल, अर्चना तिवारी, ज्ञाती देवी, अर्चना चौबे, सिंधु द्विवेदी, पूनम शुक्ला, उषा गौतम, शशिबाला पटेल, कल्पना पांडेय, ऋषिकेश त्रिपाठी, इंदु, रविकांत, शिवेंद्र, विमलेश गुप्ता सहित हजारों शिक्षक मौजूद रहे।




