पितरों को पिंडदान करने के लिए दर्जनों लोगों ने किया गया के लिए प्रस्थान

शोहरतगढ़/सिद्धार्थनगर। पितृपक्ष में पितरों को पिंडदान करने के लिए शोहरतगढ़ विकास क्षेत्र के दर्जनों गांव से कई लोग सोमवार को अपने निजी साधन द्वारा निकले है। इसी क्रम में शोहरतगढ़ विकास क्षेत्र के परिगवा गांव के अम्बरीष दत्त शुक्ला, बंशी धर उपाध्याय भी अपने पत्नी के साथ बोध गया के लिए रवाना हुए हैं। बातचीत के दौरान हम लोग काशी बनारस, अयोध्या, बद्रीनाथ, प्रयागराज, मथुरा का दर्शन करते हुए बोध गया को जायेंगे। हिन्दू धर्म के अनुसार पितृ पक्ष के दौरान गया में पिंडदान करने का अत्यंत महत्व है, क्योंकि मान्यता है कि यह पितरों को मोक्ष दिलाता है, उन्हें तृप्त करता है और सात पीढ़ियों का उद्धार करता है, जिससे उन्हें स्वर्ग की प्राप्ति होती है। गया को मोक्षस्थली भी कहा जाता है क्योंकि यहां भगवान श्री विष्णु स्वयं पितृदेव के रूप में विराजमान रहते हैं और फल्गु नदी के तट पर भगवान श्रीराम ने भी अपने पिता राजा दशरथ के लिए पिंडदान किया था, जिससे यह स्थान पितृ ऋण से मुक्ति के लिए पवित्र माना जाता है। इसलिए हर साल हर क्षेत्र से काफी लोग पिंडदान के लिए बोध गया जाते हैं। इस दौरान श्रीधर दत्त शुक्ल, कृष्ण दत्त शुक्ल, सुशील शुक्ला एडवोकेट, डॉ लक्ष्मीकांत शुक्ला, राजेश दत्त, आशीष दत्त शुक्ल, अम्बिकेश दत्त शुक्ल, डॉ चंडीकेश दत्त शुक्ल, धर्मेंद्र दत्त, शिवकुमार शुक्ल, कृष्ण कुमार शुक्ल, प्रेम प्रकाश त्रिपाठी के साथ काफी संख्या में ग्रामीण लोग मौजूद रहे।



