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उत्तर प्रदेशसिद्धार्थनगर

जिलाध्यक्ष देवेन्द्र यादव के नेतृत्व में जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन

सिद्धार्थनगर। उ0प्र0 प्राथमिक शिक्षक संघ के जनपदीय इकाई के जिलाध्यक्ष देवेन्द्र यादव के नेतृत्व में ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से दिया गया। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए जिलाध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने अपना विचार व्यक्त करते हुए कहा कि 2009 के पहले नियुक्त शिक्षक उस समय की सेवा ने नियमावली के अनुसार नियुक्त हुए, परन्तु परिषदीय शिक्षकों को वर्तमान में न्यायालय द्वारा टेट उत्तीर्ण करना अनिवार्य किया गया है। जिसमें जिनकी सेवा 5 साल बच्ची है, उन्हें बिना टीईटी के प्रमोशन नहीं मिलेगा और जिनकी सेवा 5 साल से अधिक है, उन्हें 2 साल के अन्दर टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य है। 2 साल के अन्दर यदि टेट नहीं पास कर पाते हैं तो सेवा से हटा दिया जायेगा। ऐसे आदेश से देश/प्रदेश के लाखों शिक्षकों की नौकरी पर संकट आ गया हैं, ऐसी स्थिति में शिक्षक भाई-बहनों के सामने भारी संकट उत्पन्न हो रही है। अतः हम लोग देश के प्रधानमंत्री, केन्द्रीय शिक्षा मंत्री एवं मुख्यमंत्री उ0प्र0, प्रदेश के शिक्षा मंत्री के समक्ष अपनी मांग ज्ञापन के माध्यम से प्रस्तुत कर रहे हैं। मानवीय संवेदना को ध्यान में रखकर शिक्षकों की समस्याओं को देखते हुए शासनादेश में परिवर्तन का पूर्व में नियुक्त शिक्षकों को टीईटी से मुक्त करने का आदेश दिया जायें, जिससे शिक्षकों के पारिवारिक भरण पोषण की समस्या से निदान मिलें। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मिर्जा महबूब कोषाध्यक्ष ने अपना विचार व्यक्त करते हुए कहा कि जिसकी नियुक्ति जिस समय नियमावली के तहत किया गया है, उनको नये दायरे में ना लाया जायें। पूर्व नियुक्त शिक्षकों में इन्टरमीडिएट, मृतक आश्रित, ग्रेजुएशन में 50 प्रतिशत अंक से वंचित लोग हैं, जो टीईटी की पात्रता में नहीं आते हैं। ऐसे-ऐसे शिक्षक शिक्षाओं को टीईटी का प्रतिबन्ध लगा करके सेवा से वंचित किया जाना बहुत बड़ी कठिनाई उत्पन्न हो गयी है। समाज हित में सरकार से हम न्याय की मांग करते हैं। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के संरक्षक सतीश चन्द्र त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षकों के लिए नित्य नये-नये नियम लागू होने से शिक्षक समाज अपने आप को असमंजस की स्थिति में महसूस कर रहा है। शिक्षक की नियुक्ति के समय जो योग्यता मानक था, उसको पूरा करके शिक्षक नियुक्त हुआ और जब से नियम जो लागू होता है, तभी से उसको उसके दायरे में रखना चाहिए। परन्तु आज नया आदेश किये जाने से लाखों शिक्षकों के नौकरी पर संकट आ गया है। प्रान्तीय नेतृत्व की आवाहन पर आज जनपद में जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन दिया जा रहा है। हम लोग आशा करते हैं कि सरकार शिक्षकों की मानवीय संवेदना को ध्यान में रखकर नियम में परिवर्तन कर नौकरी को सुरक्षित किया जाना उचित होगा और कार्यक्रम के माध्यम से हम मांग करते हैं कि जिन शिक्षकों को 2011 से पहले की नियुक्त किया गया है, उन्हें शासनादेश में संशोधन करके टेट परीक्षा से मुक्त किया जायें। कार्यक्रम में उपस्थित संजय कनौजिया, चन्द्र कुमार यादव, बशीर फारुकी, अज्ञेय कुमार गौतम, आफताब आलम, विजय बहादुर राय, नंदीश्वर यादव, राम अभिलाष त्रिपाठी, साहबमजरूह, इफ्तिखाररून्निशा, वीरेन्द्र मौर्य, अमरेश कुमार, अनिल मिश्रा, दिनेश मिश्रा, हरि नारायण शुक्ला, द्वारिका प्रसाद, दिनेश कुमार आदि लोगों की उपस्थित रहें

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