स्थानांतरण के बाद भी पटल पर डटे है डी.पी.आर.ओ. कार्यालय के लेखाकार

सिद्धार्थनगर। आंतरिक लेखा एवं लेखा परीक्षा निदेशालय, उत्तर प्रदेश द्वारा दिनाँक 15 जून 2025 को आदेश संख्या 1136 जारी कर जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) सिद्धार्थनगर कार्यालय में तैनात लेखाकार अख्तर हुसैन का स्थानांतरण हरैया, जनपद बस्ती के खंड विकास अधिकारी कार्यालय में कर दिया गया था। आदेश के अनुसार उन्हें तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त होकर नई तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करना था, लेकिन तीन माह बीत जाने के बाद भी वे आज तक सिद्धार्थनगर डीपीआरओ कार्यालय में ही कार्य कर रहे हैं। ग्रामीणों और विभागीय सूत्रों का कहना है कि अख्तर हुसैन पिछले 32 वर्षों से एक ही पद पर एक ही कार्यालय में जमे हुए हैं। इस दौरान उन पर कई गंभीर आरोप भी लग चुके हैं। आरोप है कि आंगनबाड़ी केंद्रों, पंचायत भवनों और अन्य विकास कार्यों से संबंधित फाइलों को आगे बढ़ाने के लिए वे संबंधित लोगों से धन की मांग करते रहे हैं। कई बार शिकायतें होने के बावजूद उच्चाधिकारियों ने प्रभावी कार्रवाई नहीं की। आरोपों के बाद भी कार्रवाई ठप रह गयी। स्थानीय लोगों का कहना है कि तबादला आदेश के बावजूद कार्यमुक्त न किया जाना विभागीय मिलीभगत को दर्शाता है। वहीं कर्मचारियों का भी कहना है कि लगातार एक ही पद पर जमे रहकर अख्तर हुसैन ने पूरे तंत्र पर पकड़ बना ली है। यही वजह है कि आदेश के बाद भी वे अब तक स्थानांतरित कार्यालय में कार्यभार ग्रहण नहीं कर पाए।जनहित में कार्यमुक्ति की मांग ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की है कि सुशासन की मंशा के अनुरूप ऐसे अधिकारियों-कर्मचारियों पर कठोर कार्रवाई की जाए। अख्तर हुसैन को तत्काल प्रभाव से डीपीआरओ कार्यालय सिद्धार्थनगर से कार्यमुक्त कर हरैया (जनपद बस्ती) के खंड विकास कार्यालय में भेजा जाए, जिससे कार्यालय का कामकाज पारदर्शी और निष्पक्ष हो सके।




