यूरिया घोटाले पर सरकार की बड़ी कार्रवाई, तीन जिलों के कृषि अधिकारी निलंबित

बलरामपुर। उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों की शिकायतों और खाद वितरण में अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए सख्त कदम उठाया है। सीतापुर, बलरामपुर और श्रावस्ती के जिला कृषि अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। क्या है पूरा मामला? पिछले कई दिनों से किसानों की ओर से यूरिया खाद की किल्लत और कालाबाजारी की शिकायतें सामने आ रही थीं। स्टॉक और रजिस्टर में गड़बड़ी, पोर्टल पर गलत प्रविष्टियाँ और निगरानी में लापरवाही साफ तौर पर सामने आई। कई जगहों पर किसानों को खाद उपलब्ध कराने के बजाय बिचौलियों और निजी हाथों में यूरिया बेचे जाने की शिकायतें दर्ज हुईं। जांच में यह भी पाया गया कि अधिकारी समय पर वितरण सुनिश्चित करने में नाकाम रहे। कौन-कौन निलंबित हुए? सीतापुररू कृषि अधिकारी मंजीत कुमार बलरामपुररू कृषि अधिकारी मंजीत कुमार सिंह श्रावस्तीरू कृषि अधिकारी प्रकाश चंद्र विश्वकर्मा एवं अशोक प्रसाद मिश्रा सरकार का सख्त संदेश कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने स्पष्ट कहा कि “किसानों से जुड़ी योजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भ्रष्टाचार या अनियमितता पाए जाने पर तुरंत कार्रवाई होगी।” इसके साथ ही 10 अन्य अधिकारियों को भी नोटिस जारी किया गया है और विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। किसानों पर असर प्रभावित जिलों में हजारों किसानों को समय पर यूरिया न मिलने से खेती प्रभावित हुई। सरकार की इस कार्रवाई से उम्मीद है कि किसानों को राहत मिलेगी और भविष्य में पारदर्शी व्यवस्था लागू होगी। निष्कर्ष यह निलंबन केवल तीन अधिकारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे कृषि विभाग को चेतावनी है कि किसानों से लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं होगी। सरकार का संदेश साफ हैकृ“किसान के हक पर चोट करने वाले अफसर अब कुर्सी पर नहीं टिक पाएंग



