बॉर्डर क्षेत्र में जोरो पर है खाद्य पदार्थों की तस्करी

बढ़नी/सिद्धार्थनगर। भारत नेपाल सीमा पर खाद्य पदार्थों की तस्करी इन दिनों जोरों पर चल रही हैं। जिसमें शामिल कुछ दुकानदार अपने फर्म का रजिस्ट्रेशन कराकर उसकी आड़ में तस्करी करवाकर मालामाल हो रहे हैं। शनिवार की शाम भारत नेपाल सीमा पर स्थित नगर पंचायत बढ़नी रेलवे क्रासिंग के पास साइकिल पर रखकर एक बोरी दलहन तस्कर ला रहा था। मीडिया टीम द्वारा पूछे जाने पर नाम न छापने की शर्त पर तस्कर ने बताया कि यह मसूर दाल की बोरी है, जिसका वजन करीब पचास किलो है और इसको नेपाल से ला रहा हूं। यह बाला जी ट्रेडर्स नगर पंचायत बढ़नी के वार्ड नंबर 3 लोहिया नगर में स्थित दुकानदार का है। मुझे सिर्फ पहुंचाने की मजदूरी मिल रही है। उक्त बोरी को ध्यान से देखा गया तो वह सील पैक था और उस पर स्टीकर चश्मा था। जिस पर इंपोर्टेड एंड डिस्ट्रीब्यूटर्स तिरुपति फूड प्रोडक्ट्स इंडस्ट्री भैरहवा रुपनदेही नेपाल व एक्सपोर्टेड श्री श्याम जी खाद्य भंडार लखीमपुर खीरी यूपी लिखा हुआ था। जिसकी पैकिंग तिथि अक्टूबर 2024 व एक्सपायरी तिथि बीस माह बाद अंकित था। सूत्रों की मानें तो जिम्मेदारों की मेहरबानी से इस समय बाला जी ट्रेडर्स तस्करों का गढ़ बन चुका है, जहां जमावड़ा लगा रहता है। और सरकारी खाद्यान्न से लेकर तस्करी का माल तक धड़ल्ले से खरीदा फरोख्त का काला कारोबार चल रहा है। सही तरीके से जांच हो जाये तो कई चेहरे बेनकाब हो जायेंगे। उक्त संबंध में बाला जी ट्रेडर्स के दुकानदार ने बताया कि इस व्यक्ति को मैं जानता पहचानता हूं। लेकिन नाम नही बता सकता हूं। हमारे यहां जो भी खाद्यान्न आता है उसे मैं खरीद लेता हूं। वह माल चाहे चोरी का हो या तस्करी का उससे मुझे कोई मतलब नही है। चोरी तस्करी रोकने की जिम्मेदारी पुलिस, एसएसबी, और कस्टम की है। वहीं सप्लाई मंडी इंस्पेक्टर सुरेन्द्र कन्नौजिया का कहना है कि बार्डर से कोई तस्करी हो रही है तो उसे पुलिस, एसएसबी, कस्टम पकड़ सकती है। मंडी के अंदर कोई सील पैक बोरी में बिना बिल बाउचर के माल बरामद होने पर कार्रवाई की जायेगी। मामला संज्ञान में आया इसकी जांच कर कार्रवाई की जायेगी।




