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उत्तर प्रदेशसिद्धार्थनगर

बीडीओ की निशाने पर एडीओ पंचायत, रोका जुलाई माह का वेतन

बढ़नी/सिद्धार्थनगर। जनपद सिद्धार्थनगर के विकास खण्ड बढ़नी में इन दिनों सहायक विकास अधिकारी (पं0) के पद पर तैनात रामबिलास बीडीओ बढ़नी के निशाने पर है। बीडीओ अनिशि मणि पाण्डेय ने डीपीआरओ सिद्धार्थनगर को पत्र लिखकर इनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग के साथ स्पष्टीकरण भी मांगा है। आरोप है कि पंचायती राज विभाग द्वारा संचालित समस्त योजनाओं जैसे राज्य वित्त/पंचम वित्त में व्यय की स्थिति, जनपद में विकास खण्ड की सबसे खराब है। इसी प्रकार फैमिली आईडी की प्रगति, संचारी रोग की रोकथाम हेतु जारी रोस्टर के अनुसार ग्राम पंचायतों की साफ-सफाई नहीं हो रहा है। साथ ही पंचायतीराज विभाग की अन्य योजनाओं में भी विकास खण्ड की प्रगति सबसे खराब है। उक्त के अतिरिक्त अधोहस्ताक्षरी द्वारा सौपें गये कार्यों का समय से अनुपालन नहीं किया जाता है। आरोप यह भी है कि एडीओ पंचायत बढ़नी द्वारा शासन द्वारा संचालित योजनाओं में रूचि नहीं ली जा रही है तथा इनके अधीन कर्मचारियों, पंचायत सहायक, ग्राम पंचायत सचिवों पर अंकुश नहीं है। उक्त योजनाओं में विकास खण्ड की प्रगति खराब होने के कारण उनका माह जुलाई-2025 का वेतन रोक दिया गया है। आरोप यह भी है कि इनके द्वारा शासकीय कार्यों में रूचि नहीं ली जा रही है, जिस कारण से पंचम राज्य वित्त आयोग में ₹0.185 करोड़ व 15वें वित्त आयोग में ₹0.179 करोड़ अभी भी व्यय हेतु ग्राम पंचायतों में अवशेष है। बीडीओ ने आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का हवाला देकर इनके स्थानान्तरण की बात कहीं है। अब सवाल यह है कि ग्राम पंचायत में होने वाले विकास कार्य के सापेक्ष जो भुगतान होता है, उसके स्पष्ट जिम्मेदारी किसकी है? क्या सचिव, ग्राम प्रधान के साथ एडीओ पंचायत भी जिम्मेदार और जवाबदेह है? सवाल यह भी है कि अगर जनपद में ब्लॉक की स्थिति सबसे खराब है तो क्या केवल एडीओ पंचायत ही जवाबदेही है, बीडीओ की जवाबदेही नहीं बनती है?आरोप की पुष्टि के लिए जब एडीओ पंचायत रामविलास से उनके मोबाइल नम्बर पर बात की गई तो उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत स्तर पर भुगतान की जिम्मेदारी सचिव और सम्बन्धित ग्राम प्रधान की होती है। अवशेष धनराशि के भुगतान के लिए सम्बन्धित को निर्देश दिया गया है, तो वही फैमिली आईडी के आरोप पर बताया कि फैमिली आईडी बनाने के लिए सम्बन्धित सचिव को निर्देशित किया गया है और उन्होंने प्रधानमंत्री आवास के सर्वे सन्दर्भ में कहा कि प्रधानमंत्री आवास सर्वे का कार्य पूरा कर दिया गया है तो वहीं मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों से प्राप्त करने के लिए जब डीपीआरओ से बात करने की कोशिश की गई तो उनका नम्बर नहीं उठा।

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