सरकारी धन के दुरूपयोग करने पर जिलाधिकारी ने दिया वसूली का आदेश

सिद्धार्थनगर। एक तरफ सरकार भ्रष्टाचार मिटाने की बात और दावा कर रही है वहां हकीकत कुछ और ही बयान कर रही है। सरकार लाख दावे करें भ्रष्टाचार मिटाने के लिए लेकिन वर्तमान मे भ्रष्टाचार का ग्राफ पहले की अपेक्षा बहुत अधिक बढ़ गया है वर्तमान सरकार मे सरकारी धन का जमकर दुरूपयोग हो रहा है। अधिकारी, कर्मचारी और जनप्रतिनिधि ही इससे दुरूपयोग कर विकास कम और अपनी झोली भरने का विकास ज्यादा कर रहे है। जनपद में भ्रष्टाचार के ऐसे लाखों मामले है, जिसकी जांच हो जाये तो बड़े बड़े अधिकारी, कर्मचारी और जनप्रतिनिधियों के नाम सामने आ जायेंगे, लेकिन निष्पक्ष जांच करने वाले भी गड्डियों की जगमगाहट के आगे बेबस नजर आते है। ऐसा ही एक मामला जो पूर्व मे चल रहे सरकारी धन का दुरूपयोग और भ्रष्टाचार का भी है। जी हां हम बात कर कर रहे है जिले के नौगढ़ विकास खण्ड अन्तर्गत ग्राम सभा पलिया टेकधर की। जहां के निवासी दुर्गेश मिश्रा ने पूर्व और वर्तमान ग्राम प्रधान सचिव तकनिकी सहायक के विरुद्ध बिना कार्य के सरकारी धन का भुगतान करने और भ्रष्टाचार करने की शिकायत एवं 06 परियोजना की जांच का शिकायती पत्र दिया था। जिसमे टी ए सी द्वारा जांच करने के लाइए मण्डलायुक्त ने आदेश दिया था। जांच में मामले सही पाये जाने पर सभी परियोजना पर 98179 रुपये की वसूली प्रस्तावित की गई थी, जिसके क्रम मे सचिव सदानन्द वर्मा से 26109 रुपये, शकील अहमद से 6618 रुपये पूर्व ग्राम प्रधान सुभाष गौतम से 19721 रूपए, वर्तमान प्रधान बबिता मिश्रा से 13004 रुपये एवं अवशेष राशि तकनिकी सहायकों से वसूली प्रस्तावित की गई थी। विदित हो की उक्त पुराने प्रकरण मे आज जिलाधिकारी डॉ0 राजा गणपति आर द्वारा पूर्व एव वर्तमान ग्राम प्रधान पलिया टेकधर से पंचायतीराज अधिनियम की धारा 27 के अन्तर्गत भू-राजस्व के बकाये की भांति वसूली का आदेश पारित किया गया।




