छांगुर के चेले ने लव जिहाद कर 5 लड़कियां फंसाईं
3 जिन्दा हैं या नहीं, कुछ पता नहीं, जज ने पुलिस से कहा था कि केस से दूर रहो।

सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश एटीएस ने पिछले दिनों छांगुर बाबा को गिरफ्तार किया था, अब इस मामले में नये-नये खुलासे हो रहे हैं। पता चला है कि छांगुर बाबा के चेले बदर अख्तर सिद्दीकी ने मेरठ-दिल्ली की 5 लड़कियों को अपने जाल में फंसाया था। इसमें से 3 लड़कियां लापता हैं। वो कहां हैं, किसी को नहीं पता। चौथी लड़की बदर के चंगुल से छूटकर नई जिन्दगी जी रही है। जबकि पांचवी लड़की ने कोर्ट केस कर रखा है। परिजनों को बेहद कम उम्मीद है कि ये लड़कियां शायद ही अब जिन्दा बची हों। पुलिस जब बदर के गिरेबान तक पहुंची तो मेरठ में तैनात रहे एक जज ने क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर को अपने कमरे में बुलाकर इस केस से दूर होने तक के लिए कहा था।मीडिया ने बदर अख्तर सिद्दीकी के पूरे नेटवर्क को खंगाला। मीडिया के सामने 3 प्रमुख सवाल थे। 1. छांगुर बाबा से मेरठ के बदर का नाम कैसे जुड़ा? 2. पांचों लड़कियां बदर के सम्पर्क में कैसे आईं? 3. ये लड़कियां अब कहां हैं, किस हालत में हैं?इन सवालों के जवाब तलाशने के लिए मीडिया पीड़ित परिजनों, अधिवक्ताओं, पुलिस अफसरों से अलग-अलग बात की।
छांगुर बाबा से कैसे जुड़ा मेरठ के बदर का नाम?
सऊदी अरब से छूटकर आई युवती ने सीएम योगी आदित्यनाथ को सच्चाई बताई। युवती ने छांगुर बाबा से मेरठ के बदर अख्तर सिद्दीकी का कनेक्शन कैसे मिला? सबसे पहले ये जानना जरूरी है। बेंगलुरु निवासी एक युवती की सोशल मीडिया पर राजू राठौर नाम के व्यक्ति से दोस्ती हुई, जिसने खुद को यूपी के सहारनपुर का रहने वाला बताया। बाद में पता चला कि उसका असली नाम वसीम है। राजू राठौर उर्फ वसीम ने इस युवती को झांसा दिया कि वो दुबई आ जाये। छांगुर बाबा से कहकर अच्छी नौकरी लगवा देगा और किसी अमीर शेख से निकाह भी करवा देगा। साल 2021 में युवती बेंगलुरु से दुबई पहुंच गई। यहां कॉल पर छांगुर बाबा ने कहा कि मेरी तबीयत खराब है। मैं सऊदी नहीं आ सकता। मेरा एक मुरीद बदर अख्तर सिद्दीकी सऊदी के अदुदलम शहर में मौजूद है, वही धर्मांतरण और बाकी चीजें करायेगा। युवती ने मीडिया को बताया कि बदर उर्फ वसीम ने मुझ पर धर्मांतरण का दबाव बनाया, लेकिन मैंने उनकी कोई बात नहीं मानी। जिसके बाद मुझे भारत भेज दिया गया। धमकी दी गई कि मैं भारत में किसी को कुछ बात न बताऊं। 19 अप्रैल 2025 को मैंने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, यूपी के मुख्यमंत्री को ईमेल भेजकर पूरा प्रकरण बताया। 6 जून 2025 को गोरखपुर पहुंचकर जनता दरबार में सीएम योगी आदित्यनाथ से मिली। जिसके बाद छांगुर बाबा पर कार्रवाई हुई। इस युवती के बयानों में बदर अख्तर सिद्दीकी का नाम पहली बार सामने आया है। जिसके बाद बदर के कारनामे लगातार सामने आ रहे हैं।
कैसे सम्पर्क में आये आशा नेगी और बदर
बीमा पॉलिसी से बातचीत शुरू हुई, फिर निकाह किया-उत्तराखण्ड में गढ़वाल निवासी एक परिवार दशकों पहले मेरठ में आकर रहने लगा। परिवार के मुखिया ने टेलर शॉप चलाई। यहीं उन्होंने एक बेटी को जन्म दिया, जिसका नाम है आशा नेगी। आशा साल 2015 तक मेरठ में एक टीवी चौनल के एचआर विभाग में कार्यरत रहीं। इसके बाद उनका ट्रान्सफर नोएडा ऑफिस के लिए हो गया। मेरठ में रहते हुए आशा ने यहीं के एलआईसी एजेन्ट महमूद सिद्दीकी से एक बीमा पॉलिसी कराई। महमूद ने इसके बदले आशा से सारे डॉक्यूमेंट्स लें लिए। इसके बाद महमूद के बेटे बदर अख्तर सिद्दीकी से आशा नेगी की बातचीत शुरू हो गई। बदर उन दिनों मेरठ में जिम ट्रेनर था और बाकी जिमों के लिए फूड सप्लीमेंट सप्लाई करता था। धीरे-धीरे दोनों में नजदीकियां हो गईं। साल 2017 में आशा ने धर्मांतरण करके बदर से निकाह कर लिया और नोएडा में साथ रहने लगी। इस वजह से आशा का परिवार उसके खिलाफ हो गया।
आशा का आखिरी सबूत… फोन पर बातचीत का फोटो और 42 मिनट की रिकॉर्डिंग
मई 2019 की बात है। आशा ने अपने छोटे भाई को कॉल करके बताया कि पति बदर अख्तर सिद्दीकी मेरे साथ मारपीट करता है। जान से मारने की कोशिश करता है। वो कभी भी कुछ अप्रिय घटना कर सकता है। शायद आशा को कोई अनहोनी की आशंका थी, इसलिए उसने बदर के पासपोर्ट, पेन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर आईडी के फोटो खींचकर अपने भाई को वॉट्सऐप पर भेज दिये। आशा नेगी को उस वक्त लगता था कि अगर मुझे कुछ हो गया तो फैमिली वाले इन डॉक्यूमेंट्स के सहारे बदर को खोज लेंगे। आशा ने अपने छोटे भाई से फोन पर बातचीत करते हुए फोटो खींचकर भी भेजी। आखिरी निशानी के तौर पर फैमिली पर यही फोटो और 42 मिनट की कॉल रिकॉर्डिंग मौजूद है। इस कॉल के बाद से आशा नेगी का कुछ पता नहीं है। फैमिली को आशा की और ज्यादा चिन्ता उस वक्त हुई, जब दिसम्बर 2019 में बजाज फाइनेन्स कम्पनी के रिकवरी एजेन्ट उनके घर आये। इन रिकवरी एजेन्ट ने बताया कि आशा के नाम पर एक आईफोन और एलईडी खरीदा गया था। उसकी म्डप् जमा नहीं हुई हैं। आशा अपने नोएडा वाले एड्रेस पर मौजूद नहीं है। इसलिए वो पैसा रिकवर करने मेरठ के एड्रेस पर आये हैं। जिसके बाद 24 दिसम्बर 2019 को आशा की मां बसन्ती नेगी मेरठ के थाना सिविल लाइन में उसकी मिसिंग कम्प्लेंट लिखाने पहुंचीं, लेकिन मामला नोएडा का बताकर उन्हें टाल दिया। तब से आज तक आशा नेगी के बारें में किसी को कोई जानकारी नहीं है। उस वक्त मेरठ के थाना सिविल लाइन में इंस्पेक्टर रहे अब्दुर रहमान सिद्दीकी को इस केस में लापरवाही बरतने के आरोप में 2 दिन पहले ही सस्पेंड किया गया है। अब्दुर रहमान फिलहाल गाजियाबाद में पोस्टेड हैं और सस्पेंड से पहले उनकी तैनाती बतौर क्राइम ब्रांच प्रभारी थी।
हमें नहीं मालूम, बहन जिन्दा है या नहीं- आशा नेगी के बड़े भाई
मीडिया से बातचीत में आशा नेगी के बड़े भाई कहते हैं कि श्हम साल 2020 में मेरठ में उसके कथित पति बदर अख्तर सिद्दीकी के मकान पर गये। यहां हमें बदर के मां-बाप मौजूद मिले। उन्होंने हमें एक शपथ पत्र दिखाते हुए कहा कि हमारा बदर से अब कोई वास्ता नहीं है। हम उसको परिवार से बेदखल कर चुके हैं। वो अब कहां रहता है, हमें नहीं पता। बदर की मां ने हमसे ये भी कहा कि उनका लड़का ठीक नहीं है। बड़े भाई ने कहा कि कुल मिलाकर बदर अख्तर के बारें में कोई जानकारी होने से उसके मां-बाप ने मना कर दिया। जबकि ऐसा नहीं है। हमें शक है कि वो आज भी बदर अख्तर के सम्पर्क में रहते हैं। हम वर्ष 2019 से पुलिस के चक्कर काट रहे हैं। हमें नहीं मालूम कि बहन जिन्दा है या नहीं। कहीं ऐसा तो नहीं कि उसको खाड़ी देशों में बेच दिया गया हो? हालांकि जिस तरह बहन ने हमें बदर की सारी जानकारियां वॉट्सऐप पर भेजी थीं, उससे तो यही लगता है कि अब वो जिन्दा नहीं बची होगी। क्योंकि अगर जिन्दा होती तो किसी तरह हमसे कॉन्टैक्ट जरूर करती।श् इस सम्बन्ध में आशा नेगी का भाई ने बताया कि हमने मेरठ पुलिस और एटीएस को आशा नेगी और बदर अख्तर सिद्दीकी से जुड़ी सारी जानकारियां उपलब्ध कराई हैं। हमारी मांग है कि बदर पकड़ा जाये। उसके बाद ही मेरी बहन के बारें में कुछ पता चल सकेगा।
अधिवक्ता बोले, 5 में से 3 लड़कियां हैं लापता
आशा नेगी के मामले को पिछले 6 साल से कानूनी तौर पर देख रहे मेरठ कोर्ट के अधिवक्ता विनीत चौधरी कहते हैं कि 2019 में जब मेरठ और नोएडा पुलिस ने कोई हेल्प नहीं की, तो हमने प्राइवेट स्तर पर ही इस केस की इनवेस्टीगेशन शुरू की। हमारी अपनी जांच में पता चला कि बदर अख्तर सिद्दीकी ने आशा नेगी जैसी कुल 5 लड़कियों को अपने जाल में फंसाया। 5 में से 3 लड़कियां अब तक लापता हैं। चौथी लड़की उसके चंगुल से छूट गई और वो दूसरी शादी करके अपनी जिन्दगी जी रही है। अब वो कोई पुलिस शिकायत करना नहीं चाहती। जबकि पांचवी लड़की ने पहले बदर के खिलाफ दिल्ली में छेड़छाड़ व रेप के प्रयास की एफआईआर कराई थी, लेकिन अब समझौते के लिए कोर्ट में एप्लिकेशन डाल दी है। हमें लगता है कि इस लड़की पर बदर की तरफ से समझौते का भारी दबाव डाला गया होगा, तभी वो ऐसा कर रही है।
इन 5 लड़कियों से बदर अख्तर का रहा सम्पर्क
1- मेरठ की आशा नेगी नोएडा के टीवी चौनल में एचआर में कार्यरत थी। 2017 में मेरठ के बदर अख्तर सिद्दीकी से धर्मांतरण करके निकाह किया। जून 2019 में लापता हो गई। तब से न आशा नेगी और न बदर का कोई सुराग है।2- दिल्ली की नेहा शर्मा (बदला हुआ नाम) से बदर अख्तर सिद्दीकी ने साल 2015 में निकाह किया। हालांकि कुछ दिनों बाद दोनों अलग-अलग हो गये। जिसके बाद नेहा ने दिल्ली में दूसरी शादी कर ली और अब वो नई जिन्दगी जी रही है।3- मेरठ में सरूरपुर क्षेत्र निवासी प्रिया त्यागी ट्रेवल एण्ड टूरिज्म की पढ़ाई करने नोएडा गई थी। वहां उसका सम्पर्क जिम में बदर से हुआ। 2 जुलाई 2021 में प्रिया अचानक लापता हो गई। फैमिली ने 4 जुलाई 2019 को सरूरपुर थाने में बदर सिद्दीकी के खिलाफ प्रिया को ले जाने की एफआईआर कराई थी। इस केस की जांच आज तक क्राइम ब्रांच मेरठ कर रही है। प्रिया का कोई सुराग नहीं है।4- दिल्ली के निजामुद्दीन क्षेत्र निवासी सोनी भी साल 2021 में लापता हो गई। परिवार ने उसकी गुमशुदगी थाना चांदनी महल में दर्ज कराई। सोनी का भी आज तक कुछ पता नहीं है। सोनी भी बदर अख्तर सिद्दीकी के सम्पर्क में आई थी और फैमिली की इच्छा के विरुद्ध धर्मांतरण करके निकाह किया था। इस घटना के कुछ दिनों बाद ही सोनी की मां ये सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाईं और उनका निधन हो गया था।5- दिल्ली हाईकोर्ट की महिला अधिवक्ता ने बदर अख्तर सिद्दीकी के खिलाफ साल 2017 में छेड़छाड़ और रेप के प्रयास की एफआईआर दिल्ली के थाना विजय विहार में दर्ज कराई थी। इस मामले में बदर अख्तर को जमानत करानी पड़ी। जमानत कराने वालों में जिनके डॉक्यूमेंट्स लगे थे, उसमें एक नाम आशा नेगी का था। हालांकि पता चला है कि अब महिला अधिवक्ता ने इस केस में समझौते के लिए कोर्ट में एप्लिकेशन डाल दी है।
लापता प्रिया से बदर कहता था कि दुबई में मॉडलिंग कराऊंगा
नोएडा में ट्रैवल एण्ड टूरिज्म का कोर्स करने गई सरूरपुर (मेरठ) की प्रिया त्यागी भी वर्ष 2021 से लापता है। उसकी बहन बताती हैं कि नोएडा में मेरी बहन जिम करने जाती थी। वहां उसकी मुलाकात बदर अख्तर सिद्दीकी से हुई। बदर ने धीरे-धीरे उसको अपनी बातों में फंसाना शुरू कर दिया। बदर ऐसा दिखाने लगा जैसे प्रिया की फैमिली उसके लिए कुछ नहीं करती है, सिर्फ मैं ही सब कुछ करता हूं। बदर ने प्रिया को लग्जरी लाइफ स्टाइल के सपने दिखायें। इस दौरान प्रिया एक बार घर आई। घर के सदस्यों से उसका व्यवहार अच्छा नहीं था। वो चिड़चिड़ी रहती थी। बदर उसको छांगुर बाबा के फूंक मारे चावल भी मेरी बहन को देता था। उसने हिन्दू धर्म की पूजा करनी भी बन्द कर दी। वो सोमवार के व्रत रखती थी, वो भी बन्द कर दिये। ऐसा लगता है कि बहन का ब्रेनवॉश किया गया था। प्रिया के दिमाग में सिर्फ बदर का नाम रहता था। 24 अक्टूबर 2019 के बाद से हमारी प्रिया से कोई बात नहीं हुई। हमने जब प्रिया की तलाश शुरू की तो पता चला कि बदर कई और लड़कियों के सम्पर्क में रहता था। ये सभी लड़कियां हिन्दू हैं। हमारी तरह उन लड़कियों के घरवाले भी उन्हें ढूंढ रहे थे। अब हमें जानकारी नहीं है कि प्रिया कहां है, किस हालत में है। प्रिया का पासपोर्ट आज भी घर पर रखा हुआ है। बदर अक्सर उसको दुबई में मॉडलिंग कराने की बात प्रिया से कहता था। जब हमारी बातचीत होती थी, तब प्रिया छांगुर बाबा का नाम लेती थी। मुझे लगता है कि छांगुर बाबा ने बदर संग मिलकर कई लड़कियों को गायब किया है। वहीं इस सम्बन्ध में लापता प्रिया त्यागी की बहन ने बताया कि मेरठ की कई हिन्दू लड़कियां हैं, जो बदर के सम्पर्क में थीं। योगी सरकार को चाहिए कि इस पूरे रैकेट का पर्दाफाश करे। ये गैंग लड़कियों को लग्जरी लाइफ के सपने दिखाता था।
बदर का जीजा जज, इसलिए दबाव में आई क्राइम ब्रांच
अधिवक्ता विनीत चौधरी बताते हैं कि प्रिया त्यागी जब लापता हुई तो फैमिली ने वर्ष 2021 में मेरठ के थाना सरूरपुर में बदर के खिलाफ एफआईआर कराई। कुछ दिनों बाद इस केस की जांच क्राइम ब्रांच मेरठ को मिली।उन दिनों बदर अख्तर सिद्दीकी का जीजा मेरठ में न्यायिक अधिकारी (सिविल जज) था। उसने इस केस को देख रहे दूसरे न्यायिक अधिकारी की मौजूदगी में क्राइम ब्रांच के इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर को बुलाया और कहा कि इस केस में बदर पर कोई दबाव न बनाया जायें। इसके बाद क्राइम ब्रांच ने मामले में खास इन्ट्रेस्ट नहीं लिया। 4 साल बाद भी प्रिया त्यागी मामले में न तो फाइनल रिपोर्ट लगी है और न ही चार्जशीट। ये केस आज भी क्राइम ब्रांच में पेंडिंग है।इस सम्बन्ध में नेगी परिवार के अधिवक्ता विनीत चौधरी ने बताया कि मीडिया रिपोर्टस के बाद मेरठ के एसएसपी ने हमें बुलाया। हमने उन्हें लापता आशा नेगी और बाकी लड़कियों के सारे प्रकरण बताये हैं। एसएसपी ने हमें भरोसा दिया है कि जल्द कठोर एक्शन लेंगे।
आखिर कौन है बदर अख्तर सिद्दीकी
जिम ट्रेनर, फूड सप्लीमेंट की सप्लाई का काम बदर अख्तर सिद्दीकी मेरठ में किदवई नगर का मूल निवासी है। हालांकि अब उसका पूरा परिवार वहां से शिफ्ट होकर लोहिया नगर में रहने लगा है। पासपोर्ट के अनुसार बदर की जन्मतिथि वर्ष 1987 है। स्मार्ट दिखने वाला बदर शुरुआत में जिम ट्रेनर था। इसके साथ वो बाकी जिमों में फूड सप्लीमेंट की सप्लाई भी करता था। इस वजह से बदर के कॉन्टैक्ट आसपास के जिलों में जिम संचालकों से हो गये। बदर के पिता महमूद सिद्दीकी बीमा एजेन्ट हैं। महमूद ही पहली दफा मेरठ की आशा नेगी से बीमा पॉलिसी के सिलसिले में मिले थे। जिसके बाद महमूद के बेटे बदर की आशा से बातचीत शुरू हो गई। अब महमूद कहते हैं कि हमारा बेटे से कोई वास्ता नहीं है। हम उसे पहले ही परिवार से बेदखल कर चुके हैं। ये मुस्लिम लड़का जिसका नाम बदर सिद्दीकी है और कई हिन्दू नाम जैसे सैम, आरव व समीर अरोरा आदि इस्तेमाल करके हिन्दू लड़कियों को अपने प्रेम के जाल में फसां कर उन्हें गायब कर देता है द्य इसके विरुद्ध गम्भीर अपराध उत्तर प्रदेश और दिल्ली के विभिन्न थानों में दर्ज हैं, पुलिस को इसकी तलाश है द्य इसकी सटीक जानकारी देने वाले को ₹2,00,000 का इनाम दिया जायेगा और जानकारी देने वाले का नाम गुप्त रखा जायेगा।
हिन्दूवादी संगठन बोले कि इस गैंग को इन्टरनेशनल फंडिंग हो रही है
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में लव जिहाद, धर्मांतरण जैसे मुद्दों पर काम कर रहे अखिल भारतीय हिन्दू सुरक्षा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही कहते हैं कि छांगुर बाबा के साथ बदर अख्तर सीधे तौर पर जुड़ा है। बदर ने चार-पांच हिन्दू लड़कियां पहले लव जिहाद में फंसाईं, फिर उनका धर्मांतरण किया है। मेरठ से दो लड़कियां लापता हुईं, उनका आज तक कुछ पता नहीं चला है। इस सम्बन्ध में हिन्दूवादी नेता सचिन सिरोही ने बताया कि पुलिस को सबसे पहले बदर सिद्दीकी की गिरफ्तारी करनी चाहिए। ये एक बड़ा रैकेट है। इसमें इन्टरनेशनल फंडिंग हो रही है। इस रैकेट के बैंक खातों की जांच होनी चाहिए।
पुलिस ने अब तक इस केस में क्या किया?
6 साल बाद धर्मांतरण का मुकदमा दर्ज -मीडिया रिपोर्ट्स के बाद मेरठ पुलिस ने आशा नेगी के लापता होने के 6 साल बाद 24 जुलाई 2025 को एफआईआर दर्ज की है। आशा के भाई की तरफ से थाना सिविल लाइन में दर्ज हुए मुकदमे में बदर अख्तर सिद्दीकी और उसके पिता महमूद अख्तर सिद्दीकी को आरोपी बनाया गया है। दोनों पर भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा-323 और उ0प्र0 विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम-2021 की धारा 3 और 5 लगाई गई हैं। बदर पर अब मेरठ में 2 मुकदमे दर्ज हो गये हैं। साल 2021 में लापता हुई प्रिया त्यागी मामले में उस पर पहले से सरूरपुर थाने में एक केस दर्ज है। छांगुर बाबा का मामला हाइलाइट होने की वजह से मेरठ पुलिस के साथ ही एटीएस मेरठ यूनिट ने भी जांच तेज कर दी है। पुलिस का मुख्य टारगेट अब बदर सिद्दीकी को पकड़ना है। इसके बाद ही बाकी लड़कियों के बारें में कुछ पता चल सकेगा।
इस सम्बन्ध में एसएसपी मेरठ विपिन ताडा ने बताया कि
आशा नेगी मामले में मेरठ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस केस की जांच पहले से एटीएस कर रही है। इसलिए पुलिस और एटीएस कोर्डिनेशन करके मामले की तह तक जाकर कार्रवाई करेगी।
छांगुर बाबा उर्फ जलालुद्दीन
छांगुर बाबा उर्फ जलालुद्दीन का घर यूपी के बलरामपुर जिले का रेहरा माफी गांव है। उस पर धर्मांतरण और लव जिहाद कराने का आरोप है। नवम्बर 2024 में उ0प्र0 एटीएस ने छांगुर और उसके बेटे महबूब समेत 10 लोगों पर एफआईआर दर्ज की। 5 जुलाई 2025 को एटीएस ने सहयोगी नीतू नसरीन के साथ लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया। छांगुर बाबा उर्फ जलालुद्दीन धर्मांतरण एवं लव जिहाद के लिए 5 राज्यों में 1500 लोगों की सीक्रेट टीम बनाने का आरोपी है। जिनमें उत्तर प्रदेश, बिहार, बंगाल, महाराष्ट्र, कर्नाटक व तमिलनाडु हैं। वहीं छांगुर बाबा की गैंग का ज्यादा फोकस उत्तर प्रदेश के नेपाल सीमा से सटे 7 जिले बताये जा रहे हैं। जिनमें पीलीभीत, लखीमपुर,
बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर
हैं। वहीं फर्जी एनजीओ और धर्म प्रचार के नाम पर गैंग मेंबर्स ने 40 से ज्यादा बैंक खाते खुलवायें हैं। इन बैंक खातों से 106 करोड़ रुपये से ज्यादा के ट्रांजैक्शन का पता चला है। वहीं छांगुर बाबा के गुर्गे नीतू व नवीन के नाम पर गल्फ देशों के बैंक में भी खाते मिलें हैं-(1).अल नहदा (2). एमिरेट्स छठक् (3). मुशर्रफ बैंक(4). अल अंसारी एक्सचेंज (5). वोस्ट्रो बैंक।वहीं छांगुर बाबा के गुर्गे 2014 से 2019 के बीच नीतू 16 बार और 2016 से 2020 के बीच नवीन 19 बार न्।म् गया।
छांगुर बाबा 3 तरीकों से धर्मांतरण करवाता था
उ0प्र0 के बलरामपुर जिले में धर्मांतरण का मास्टरमाइण्ड जलालुद्दीन शाह उर्फ छांगुर बाबा मुख्य रूप से 3 तरह से धर्म परिवर्तन करवाता था। उसके इन 3 तरीकों में एक तरीका मुस्लिम युवाओं को हिन्दू लड़की से शादी करने और फिर उसे इस्लाम कबूल करवाने का था। दूसरे तरीके में वह लोगों को नीतू यानी नसरीन और उसके पति नवीन (जमालुद्दीन) को दिखाता। कहता था कि इन्होंने इस्लाम कबूल किया और आज इनके पास करोड़ों रुपये हैं। आलीशान बंगला और गाड़ी है। लोग उसकी इस बात से प्रभावित होते और फिर एक समय के बाद इस्लाम अपना लेते थे।




