चेयरमैन अपने पति संग सोमवार को शिवालय पर जलाभिषेक कर किया पूजन

शोहरतगढ़़/सिद्धार्थनगर। नगर पंचायत शोहरतगढ़़ में स्थित शोहरत नाथ शिव मन्दिर में चेयरमैन शोहरतगढ़़ उमा अग्रवाल और उनके पति चेयरमैन प्रतिनिधि रवि अग्रवाल ने सोमवार ग्यारहवें दिन कोई नदी से जल भरकर शिव मन्दिर के शिवालय पर जलाभिषेक किया। इस दौरान समूचा शोहरत नाथ शिव मन्दिर परिसर हर हर महादेव के जयकारे से गुंजायमान हो गया। सावन माह के ग्यारहवें दिन सोमवार को चेयरमैन व उनके पति सहित शिवभक्तों ने जलाभिषेक किया। पवित्र सावन माह के ग्यारहवें दिन सोमवार को सुबह से शिव मंदिरों में जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ रही। पवित्र सावन का महीना के सोमवार को भक्तों में उत्साह दिखा। श्रद्धालुओं ने हर-हर महादेव का जयघोष कर शिवलिंग पर जलाभिषेक किया। भोले बाबा को प्रसन्न करने के लिए फल-फूल, मेवा बेलपत्र, भांग धतूरा चंदन आदि अर्पित किया। नगर पंचायत शोहरतगढ़ के भारत माता चौक, डोई के शोहरतनाथ शिव मंदिर, श्रीराम जानकी व गंगेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा जलाभिषेक के लिए लम्बी कतार लगी रही। श्रद्धालुओं ने सुख समृद्धि व मनोकामना के लिए परिसर में बैठकर शिव मंत्र का जप किया। सावन माह में दुकानदारों द्वारा शिव मन्दिरों पर बच्चों के लिए विभिन्न वैराइटी में पोशाक बिक रही थी। इनमें मृगछाला, टीशर्ट और अन्य पोशाकें शामिल हैं। इसके अलावा बच्चों के शिव स्वरूप के लिए प्लास्टिक और लकड़ी के की नाग, डमरू व छोटे त्रिशूल उपलब्ध हैं। चेयरमैन प्रतिनिधि रवि अग्रवाल ने बताया कि लोगों द्वारा पता चला है कि महाभारत काल के समय जब पांचों पांडवों अज्ञातवास के दौरान यहां से गुजर रहे थे। कुछ देर यहां विश्राम किए। यहां स्थित विशालकाय पीपल के वृक्ष के नीचे भगवान शिव का पूजा किए। कुछ वर्षों बाद भगवान शिव की कृपा से एक संन्यासी वन बाबा आए और पास से बह रही डोई नदी के तट पर बैठकर तपस्या करने लगे। उन्हीं की प्रेरणा से शिव मंदिर की स्थापना हुई। वहीं भगवान शिव के मंदिर में प्रवेश करते ही मन भक्तिमय हो जाता है। यहां आने पर बहुत ही शान्ति का एहसास होता है। हर वर्ष पूरे परिवार के साथ जलाभिषेक करता हूं। बाबा की कृपा से हमारा ही नहीं सभी भक्तों का कल्याण होता है। सबकी मनोकामना पूर्ण होती है। वहीं चेयरमैन उमा अग्रवाल ने बताया कि इस मंदिर से लोगों की बड़ी आस्था है। श्रद्धालु प्रत्येक दिन यहां जलाभिषेक के लिए आते हैं। पूरे सावन व मलमास माह में रूद्राभिषेक व ग्रह शांति के लिए पूजा-पाठ व अभिषेक होता रहता है। कहा कि कसौटी कि शिवलिंग काफी बड़ा है।



