शिक्षक संघ ने सांसद को सौंपा ज्ञापन

सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर जिलाध्यक्ष राधेरमण त्रिपाठी की अगुवाई में पदाधिकारियों ने रविवार को जिला मुख्यालय पर भाजपा सांसद जगदंबिका पाल को ज्ञापन सौंपा। सभी ने स्कूलों की पेयरिंग व्यवस्था पर नाराजगी जताई। शिक्षकों ने अवगत कराया कि हजारों विद्यालयों पेयरिंग के नाम पर बंद किया जा रहा है। परिषदीय स्कूलों के लिए चल रही मर्जर प्रक्रिया से जहां छात्रों से विद्यालयों की दूरी अधिक होगी, वही हजारों रसोईयों की सेवा समाप्त हो जायेगी। लोकतंत्र में इस प्रकार विद्यालय बंद करके नौनिहालों की शिक्षा से खिलवाड़, हजारों प्रधानाध्यापकों के पद एवं रसोईया की सेवा समाप्ति जैसे निर्दयी एवं कठोर निर्णय की कल्पना नहीं की जा सकती है। इस मौके पर सांसद मांगपत्र को मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत करने का आश्वासन दिया। ज्ञापन सौंपने के दौरान शिवाकांत दूबे, विजय बहादुर अंबेडकर, लालजी यादव, इंद्रसेन सिंह, आशुतोष उपाध्याय,सुधाकर मिश्र, रामशंकर पांडेय, अनिल पांडेय, गौरव पांडेय, बाबूराम, वैभव, अरुण सिंह, अभय श्रीवास्तव, विनेसर प्रसाद, सूरज, दिनेश शर्मा आदि मौजूद थे।
बीएसए कार्यालय पर शिक्षकों का धरना कल
सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की शीर्ष स्तर पर हुई बैठक में लिए चरणबद्ध आंदोलन की कड़ी में रविवार को जिले के चार हजार शिक्षकों ने परिषदीय विद्यालयों के विलय पर रोष व्यक्त किया। स्कूलों के विलय के विरोध में एक्स पर हैशटैग अभियान चलाया। अब संगठन की ओर से मंगलवार को बीएसए कार्यालय पर धरना देंगे। जिलाध्यक्ष राधेरमण त्रिपाठी ने कहा कि कम छात्र संख्या के आधार पर विद्यालयों को बंद करके अन्य विद्यालय में विलय करना, सबको समान शिक्षा के अधिकार अधिनियम का उल्लंघन है। इसके विरोध में प्रांतीय नेतृत्व ने व्यापक आंदोलन की रूपरेखा तय की है। कहा कि सरकार का यह कदम शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने वाला है। यह फैसला शिक्षा व्यवस्था को सुधारने की बजाय उसे और कमजोर करेगा। इस फैसले के विरोध में रविवार को ट्विटर (एक्स) पर हैशटैग अभियान चलाया गया। साथ ही, आठ जुलाई को बीएसए कार्यालय पर धरना दिया जाएगा। इसके बाद मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा जाएगा।




