लोटन पुलिस ने 4घण्टे मेंही बरामद कर ली गुमशुदा नाबालिग बालक को

लोटन/सिद्धार्थनगर। लोटन पुलिस ने एक बार फिर अपनी अद्वितीय तत्परता, तकनीकी कुशलता, और अटूट समर्पण का परिचय देते हुए जनपद कोतवाली लोटन क्षेत्र में एक गुमशुदा नाबालिग की बरामदगी के मामले में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई न केवल पुलिस की कार्यक्षमता का प्रतीक है, बल्कि जनता के प्रति उनके कर्तव्य और बच्चों की सुरक्षा के प्रति उनकी संवेदनशीलता का जीवंत उदाहरण भी है। दिनांक 03 जुलाई 2025 को ग्राम लोहरौली, थाना कोतवाली लोटन निवासी श्री गुड्डू लोधी के 15 वर्षीय पुत्र घर से बिना बताए गायब हो गया। गुमशुदा बालक का पूरा परिवारीजन अपने रिस्तेदारी एवं हर सम्भावित स्थान पर तलाश किये, परन्तु गुमशुदा बालका का कही पता नही चला। थक हार कर दिनांक 04 जुलाई 2025 को देर शाम को थाना कोतवाली पर उसके पिता के द्वारा लिखित सूचना दिया गया, जिसके आधार पर मुकदमा अपराध संख्या 83/2025, धारा 137(2) भारतीय न्याय संहिता (ठछै), 2023 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया। सूचना मिलते ही सिद्धार्थनगर पुलिस ने बिजली की गति से कार्रवाई शुरू की और मात्र 4 घंटे के भीतर, दिनांक 04जुलाई 2025 को ही नाबालिग को पड़ोसी जिले बस्ती से सकुशल बरामद कर लिया। इस अभूतपूर्व सफलता के पीछे पुलिस अधीक्षक जनपद सिद्धार्थनगर, डॉ. अभिषेक महाजनका दूरदर्शी नेतृत्व और रणनीतिक दृष्टिकोण रहा। उनकी प्रेरणा और निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक श्री प्रशांत कुमार प्रसादने त्वरित और तकनीकी रूप से समृद्ध रणनीति तैयार की। क्षेत्राधिकारी सदर श्री मयंक द्विवेदीने इस अभियान की हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी, जबकि थानाध्यक्ष कोतवाली श्री दिनेश कुमार सरोज ने अपने प्रत्यक्ष मार्गदर्शन से इस मिशन को गति प्रदान की। इस जटिल अभियान को अंजाम देने के लिए एक विशेष पुलिस टीम गठित की गई, जिसमें उप निरीक्षक वीरेंद्र कुमार पासवान (विवेचक)के नेतृत्व में कॉन्स्टेबल राजेश यादव और कॉन्स्टेबल सौरभ सिंह शामिल थे। इस टीम ने अथक मेहनत, आधुनिक तकनीकों जैसे मोबाइल ट्रैकिंग और खुफिया तंत्र का उपयोग, और स्थानीय स्तर पर गहन तलाशी अभियान चलाकर नाबालिग को रिकॉर्ड समय में बरामद कर लिया। यह ऑपरेशन सिद्धार्थनगर पुलिस की सामूहिक शक्ति, समन्वय, और तकनीकी दक्षता का एक शानदार बरामदगी के तुरंत बाद, नाबालिग को थाना कोतवाली लोटन लाया गया, जहाँ उनकी सुरक्षा और कल्याण को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी गई। उनके स्वास्थ्य की जाँच के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), लोटन को मेडिकल परीक्षण हेतु भेजा गया है। साथ ही, किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 के प्रावधानों का कड़ाई से पालन करते हुए, नाबालिग को उनके पिता श्री गुड्डू लोधी के साथ बाल कल्याण समिति (ब्ॅब्), सिद्धार्थनगर के समक्ष प्रस्तुत करने की प्रक्रिया शुरू की गई है, ताकि उनकी दीर्घकालिक देखरेख और पुनर्वास सुनिश्चित हो सके।
पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक महाजनने व्यक्त किया गर्व
सिद्धार्थनगर पुलिस का एकमात्र लक्ष्य जनता की सुरक्षा और बच्चों का कल्याण है। इस मामले में हमारी टीम ने असाधारण गति और समर्पण के साथ काम किया, जो हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। अपर पुलिस अधीक्षक श्री प्रशांत कुमार प्रसाद ने जोड़ा, यह सफलता हमारी तकनीकी प्रगति और सामुदायिक सहयोग का परिणाम है। हम जनता के विश्वास को और मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगे। क्षेत्राधिकारी सदर मयंक द्विवेदीऔर थानाध्यक्ष श्री दिनेश कुमार सरोज ने इस अभियान को एक मील का पत्थर बताते हुए विवेचक वीरेंद्र कुमार पासवान, कॉन्स्टेबल राजेश यादव और कॉन्स्टेबल सौरभ सिंह की असाधारण मेहनत और साहस की प्रशंसा की। उनकी यह उपलब्धि न केवल पुलिस बल के लिए गौरव का विषय है, बल्कि पूरे जनपद के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है।
सिद्धार्थनगर पुलिस यह स्पष्ट करती है
नाबालिग की पहचान और मामले का विवरण गोपनीय रखा जा रहा है, जैसा कि श्रश्र ।बज, 2015 के तहत अनिवार्य है। वर्तमान में विवेचना प्रगति पर है, और यदि कोई अपराधी तत्व सामने आता है, तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
सिद्धार्थनगर पुलिस की जनता से अपील
सिद्धार्थनगर पुलिस जनता से अपील करती है कि किसी भी गुमशुदगी, संदिग्ध गतिविधि, या आपात स्थिति में तत्काल निकटतम पुलिस स्टेशन, पुलिस कंट्रोल रूम, या हेल्पलाइन नंबर 112 पर संपर्क करें। हमारा संकल्प है कि जनपद को सुरक्षित, अपराधमुक्त, और समृद्ध बनाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाए।




