ब्लॉक परिसर में प्रधानों का धरना,मनरेगा के नाम पर हो रहा है ,सुविधा शुल्क का खेल

बस्ती। रुधौली विकासखंड में भ्रष्टाचार के आरोपों की आंच एक बार फिर तेज़ हो गई है। इस बार निशाने पर हैं खंड विकास अधिकारी योगेंद्र राम त्रिपाठी, जिन पर ग्राम पंचायतों के प्रधानों ने मनरेगा योजनाओं में कमीशन मांगने का सीधा आरोप लगाया है। सूत्रों के अनुसार, रुधौली ब्लॉक में जब तक सिक्योरिटी मनी के नाम पर कथित रूप से पैसा नहीं चढ़ाया जाता, तब तक कोई योजना स्वीकृत नहीं होती। ब्लॉक परिसर बना विरोध का मंच रुधौली ब्लॉक परिसर में सोमवार को दर्जनों प्रधानों ने धरना प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाज़ी की। प्रदर्शनकारी प्रधानों का आरोप था कि हमारी पंचायत में मजदूरों को रोजगार देना चाहते हैं, लेकिन बीडीओ साहब पहले सुविधा शुल्क मांगते हैं, तभी काम पास करते हैं।ष् योगेंद्र राम त्रिपाठी पर पहले भी लग चुके हैं आरोप यह पहला मौका नहीं है जब बीडीओ योगेंद्र त्रिपाठी पर उंगलियां उठी हों। पूर्व में भी उन पर मनरेगा और अन्य विकास योजनाओं में ‘सुविधा शुल्क’ लेने के आरोप लग चुके हैं। बावजूद इसके, कोई ठोस कार्रवाई आज तक नहीं हुई। सवाल उठता है कि क्या अधिकारी को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है? पत्रकारों से दूरी, सवालों से परहेज़? पत्रकारों ने भी आरोप लगाया कि खंड विकास अधिकारी योगेंद्र त्रिपाठी फोन कॉल्स तक रिसीव नहीं करते, जिससे सूचना एकतरफा हो गई है। प्रशासन की जवाबदेही खत्म होती जा रही है। अधिकारी मीडिया से भी कट गए हैं। क्या भाजपा सरकार को है इसकी जानकारी? प्रधानों और स्थानीय जनता के बीच यह सवाल अब चर्चा का विषय बन चुका है क्या योगेंद्र राम त्रिपाठी सरकार को चकमा देकर सिस्टम का दुरुपयोग कर रहे हैं? या फिर भ्रष्टाचार को संरक्षण प्राप्त है?




