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उत्तर प्रदेशबहराइच

पुरानी यादों को अपने में समेटे हुए तस्वीर घर पयागपुर, उचित रखरखाव न होने के कारण खंडहर में हो रहा तब्दील

दैनिक बुद्ध का सन्देश

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पयागपुर | तहसील पयागपुर में स्थित कोट बाजार में पुरानी तहसील के पास सैकड़ो वर्ष पुराना तस्वीर घर बना हुआ है जो आज भी राजा पयागपुर के परिवार को याद दिलाता रहता है काफी कुछ सोच करके पयागपुर के राजा भूपेंद्र विक्रम सिंह ने इस तस्वीर घर का निर्माण कराया था उस समय इसकी भव्यता बहुत ही शोभनीय और अच्छी दिख रही थी लेकिन राज परिवार के उदासीनता के कारण और भारी उपेक्षा की दृष्टि से देखा गया तस्वीर घर आज अपने अंतिम पड़ाव की ओर अग्रसर है अर्थात कहने का मतलब यह है कि खंडहर में धीरे-धीरे तब्दील हो रहा है | सैकड़ों वर्ष पुरानी बनी अट्टालिका तस्वीर घर आज भी पयागपुर के राजपरिवार को याद दिलाती है। इमारत की भव्यता बताती है कि कभी इमारत बुलंद थी। तस्वीर घर की गुंबद और नक्काशी देखते ही बनती है। कभी यह वैभवशाली नगर रहा होगा, जिसकी मनोरम छवि का यह तस्वीर घर नमूना है। इस धरोहर के गोल खंभे और किनारे-किनारे बने ऊंचे आकर्षक चबूतरों पर बनी कलाकृतियां अनायास ही लोगों का मन मोह लेती हैं।
पयागपुर राज्य का गौरवशाली अतीत रहा है। पयागपुर राजा की गिनती प्रदेश के नामचीन व समृद्धिशाली राजाओं के रूप में की जाती थी। पूर्वजों की याद संजोने व उनके गौरवगाथा को प्रदर्शित करने के लिए राज परिवार ने तस्वीर घर बनवाया था। इसकी बाहरी आकृति कोलकाता स्थित विक्टोरिया पैलेस सरीखी है जो लोगों को बरबस अपनी ओर खींच लेती है। तस्वीर घर के अंदर संगमरमर की आदमकद मूर्ति यहां के कुशल प्रशासक राजा भूपेंद्र ¨सह की है। इसे देखने के बाद उनके रुतबे का अंदाजा खुद ही लगाया जा सकता है। यहां राजा महेंद्र बहादुर ¨सह, राजा नरपति ¨सह, राजा दलधम्मान ¨सह समेत अन्य राजाओं के भी चित्र लगे हैं। राजा भूपेंद्र विक्रम ¨सह को ब्रिटिश हुकूमत ने (कंपेनियन ऑफ द इंडियन इंपर्र) सीआईई की उपाधि भी दी थी। उपेक्षा व रखरखाव के अभाव में तस्वीर घर बदहाल होता जा रहा है। बताया जाता है कि तस्वीर घर से जुड़े तमाम चीजों को पुरातत्व विभाग को सौंपा गया था, किन्तु इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हो सकी। फलस्वरूप यह ऐतिहासिक धरोहर आज उपेक्षा का शिकार बना हुआ है। नक्काशीदार दीवारों के किनारों पर घास-फूस जम गए हैं। कलाकृतियों में काई लगने लगी हैं। इस पर एक बार पर्यटन विभाग को व क्षेत्रिय नेताओं को जरूर ध्यान देना चाहिए

ब्यूरो दैनिक बुद्ध का सन्देश

ब्यूरो चीफ बहराइच दैनिक बुद्ध का संदेश समाचार पत्र

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