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उत्तर प्रदेशसंत कबीरनगर

डीएम की अध्यक्षता में किसान दिवस का हुआ आयोजन

संतकबीरनगर। जिलाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में किसान दिवस का आयोजन कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित किया गया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी जयकेश त्रिपाठी उपस्थित रहे। किसान दिवस में कृषि एवं कृषि से संबंधित विभाग एवं जनपद के प्रगतिशील कृषक द्वारा प्रतिभाग किया गया। इस अवसर पर कृषको द्वारा खेती किसानी से संबंधित जिलाधिकारी को अवगत कराया गया। किसान दिवस में जिला उद्यान अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म सिंचाई, एकीकृत बागवानी योजना, अंतर्गत ड्रिप एवं मिनी स्प्रिंकलर हेतु 50 से 65ः अनुदान पर सिंचाई उपकरण कृषक प्राप्त कर सकते हैं। अधिशासी अभियंता विद्युत द्वारा अवगत कराया गया कि ओपीएस योजना के अंतर्गत किसान ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। जिसमें सिंचाई हेतु नया कनेक्शन प्राप्त किया जा सकता है। सहायक निबंधक एवं सहायक आयुक्त सहकारिता द्वारा किसानों से कृषि अवसंरचना निधि अंतर्गत कृषि संबंधी बड़े कार्य हेतु 6ः अनुदान पर ऋण प्राप्त कर सकते है। गन्ना विभाग द्वारा इस वर्ष गन्ने का 1106 हैकटेयर अच्छान अवगत कराया गया, जो गत वर्ष 1400 हेक्टेयर से कम है जिसके क्रम में जिलाधिकारी द्वारा निर्देश दिए गए की गन्ना विभाग इस कमी के संबंध में अपना आख्या उपलब्ध कराएं। किसानों द्वारा अपने निजी कार्य हेतु मिट्टी खनन की व्यवस्था हेतु मांग की गई जिसमें खनन अधिकारी द्वारा बताया गया कि 100 मेट्रिक टन हेतु किसान श्वन मित्र एपश् से निशुल्क आवेदन कर सकते हैं एवं 1000 मेट्रिक टन हेतु रुपए 2000 की निर्धारित धन्नाशी जमा कर आवेदन कर सकते हैं। जिसका सत्यापन उप जिलाधिकारी एवं खनन अधिकारी द्वारा उपलब्ध होने पर उनको अनुमति ऑनलाइन उपलब्ध करा दी जाएगी, जो की इस कार्य हेतु मान्य होगी। जनपद में फसल सुरक्षा हेतु रसायनों की छिड़काव हेतु दो ड्रोन सहकारिता विभाग में उपलब्ध है जिसे रुपए 300 प्रति एकड़ की दर से शुल्क जमा कर अपनी फसल पर छिड़काव कराया जा सकता है। वन विभाग द्वारा इस वर्ष वनीकरण के संबंध में अपनी कार्य योजना की जानकारी दी गई और अनुरोध किया गया कि किसान स्वयं 5 से 10 पौधे लगायें एवं उनकी समय से देखभाल भी करें। यह कार्य जन सहभागिता के माध्यम से ही संभव है इस वर्ष ढैंचे का बीज प्राप्त हो चुका है। जिसे किसान 30 से 35 दिन में पलटाई कर हरी खाद के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं यदि किसान अभी इसकी बुवाई नहीं कर सकते हैं तो धान की फसल के साथ बुवाई कर दें एवं 35 से 40 दिन उपरांत 2-4,क् का स्प्रे कर ढैंचे को खेत में ही सड़ा दें। इसके साथ ही 15 किलो यूरिया प्रति एकड़ के हिसाब से खेत में दें जो की ब्राउन मैन्यूरिंग के रूप में खेत में जीवाश्म कार्बन की वृद्धि करेगा एवं धान में कल्ले की संख्या एवं उसकी बढ़वार करेगा। जिलाधिकारी ने कृषि विभाग के क्षेत्रीय कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि वह अपने ब्लॉक में न्यूनतम 200 एकड़ क्षेत्रफल पर धान की सीधी बिजाई सुपरसीडर यंत्र के माध्यम से अनिवार्य रूप से कराए। इसमें किसानों को खरपतवार नियंत्रण के संबंध में जानकारी उपलब्ध कराएं। डीएसआर विधि से धान की खेती करने हेतु बुवाई से 15- 20 दिन पूर्व पानी लगाकर के खेत तैयार कर लें। सुपर सीडर से बुवाई करते समय इससे जमे हुए खरपतवार नष्ट होंगे। बुवाई करते ही खेत में नमी अनुसार पेड़ामेथलीन 3.3 लीटर प्रति हेक्टेयर की दर से प्रयोग करें। तत्पश्चात 35 दिन उपरांत बिसपायरिबेग सोडियम खरपतवारनाशी का इस्तेमाल अनिवार्य रूप से करें, जिससे कि धान की फसल में खरपतवार का उचित प्रबंध होगा। इस अवसर पर उप निदेशक कृषि डॉ राकेश कुमार सिंह, जिला उद्यान अधिकारी समुद्रगुप्त मल्ल, अधिशासी अभियंता विद्युत, प्रगतिशील किसान सुरेंद्र कुमार राय सहित संबंधित अधिकारी आदि उपस्थित रहे।

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