बानगंगा नदी में मिली डूबे एक बच्चे की लाश, दूसरे की तलाश जारी
तेल के बिना 30 मिनट खड़ी हो गयी थी एस.डी.आर.एफ. टीम की मोटरबोट!

दैनिक बुद्ध का सन्देश/श्रवण पटवा
शोहरतगढ़/सिद्धार्थनगर। आखिरकार करीब 24 घंटे बाद रविवार को एस.डी.आर.एफ. टीम के सहयोग से बानगंगा नदी में डूबी नूर आलम की डेड बॉडी को निकाल लिया गया है। खबर लिखें जाने तक दूसरे की तलाश जारी है।जानकारी के मुताबिक, शनिवार को मुख्यालय के बेलसड़ मोहल्ले के रहने वाले तीन बच्चों का एक ग्रुप दोपहर लगभग 3 बजे बाणगंगा बैराज की ओर घूमने गया था। मौज-मस्ती के बीच दो बच्चे (15 वर्षीय मो. आतिफ पुत्र मो हनीफ और 16 वर्षीय नूर आलम पुत्र अब्दुल करीम) नदी में नहाने उतर गए। देखते ही देखते वे गहराई में समा गए। तीसरे बच्चे ने जब देखा कि दोनों पानी से बाहर नहीं निकल रहे हैं, तो वह डर गया और घबराहट में घर भागकर परिजनों को सूचना दी। बच्चों के बड़े भाई मो. आरिफ घटनास्थल पहुंचउक्त की सूचना 112 पुलिस सहित स्थानीय थाना को दी। इसके बाद घटना स्थल पर स्थानीय लोग इकठ्ठा होते चले गये। सायं 4 बजे के बाद से ही बाणगंगा नदी के किनारे मातम पसरा रहा और परिजन बॉडी को पाने का इंतजार कर रही थी।विदित हो रविवार को आर.टी.आई. एक्टिविस्ट एवं अधिवक्ता देवेश मणि त्रिपाठी के पहुंचने के बाद प्रशासन ने अपनी गतिविधि तेज कर दी। इस दौरान मोटरयान में पेट्रोल (तेल) नहीं होने पर उन्होंने तहसीलदार से तीखे सवाल भी किये और कहा कि यदि प्रशासन किसी प्रकार की लापरवाही करेंगी तो यह मानवीय दृष्टिकोण से ठीक नहीं है। परिजनों की पीड़ा देख जनता आक्रोशित हो सकती है। खैर उनके पहुंचने के एक घंटे बाद बानगंगा नदी में डेड बॉडी से उपराती मिली।हालांकि यह पहली बार नहीं है जब बाणगंगा नदी मासूमों की जान गई हो। 8 मार्च 2023 को भी सिद्धार्थनगर के भीमापार मोहल्ले के रहने वाले तीन बच्चों की इसी नदी में डूबकर मौत हो गई थी, जिस घटना मेंअधिवक्ता देवेश मणि त्रिपाठी का पुत्र भी शामिल था।उन्होंने प्रशासन से कहा कि पूर्व सहित वर्तमान की इतनी बड़ी घटना के बाद भी प्रशासन ने अब तक वहां कोई चेतावनी बोर्ड नहीं लगाया, न ही कोई सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। न कोई सुरक्षा गार्ड, न निगरानी और न ही घाटों पर कोई जिम्मेदार व्यक्ति की तैनाती ही है और सीसीटीवी कैमरा भी बंद बता रहा है।घटना स्थल पर तहसीलदार अजय कुमार, अधिवक्ता देवेश मणि त्रिपाठी, प्रधान बीरेंद्र जायसवाल, पंकज चौबे सहित शोहरतगढ़ इंस्पेक्टर बिन्देश्वरी मणि त्रिपाठी अपनी पुलिस टीम के साथ मौजूद दिखे साथ ही तहसील प्रसाशन के लोग मौजूद रहे।




