भए प्रगट कृपाला, दीन दयाला, कौशल्या हितकारी

बस्ती। श्रीराम का जीवन ऐसा पवित्र है कि उनके स्मरण मात्र से हम पवित्र हो जाते हैं। उनका अवतार जगत को मानव धर्म उपदेश के लिये था। सभी दिव्य गुण जिसमें एकत्र होते हैं वही परमात्मा है। लक्ष्मण विवेक, भरत वैराग्य और शत्रुघ्न सद विचार स्वरूप है। चंदन और पुष्प से श्रीराम की सेवा करना अच्छी बात है किन्तु उनकी मर्यादा का पालन सर्वाेत्तम है। जिसका व्यवहार रामजी जैसा होगा उसकी भक्ति सफल होगी। यह सद्विचार स्वामी रामेश्वर नारायण जी महराज ने नगर बाजार के श्री हनुमानगढी मंदिर परिसर में श्री हनुमान मंदिर जीर्णाेद्धार के बाद मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा के निमित्त आयोजित 9 दिवसीय श्रीराम कथा में व्यक्त किया। कथा पाण्डाल में श्रीराम जन्मोत्सव उल्लास के साथ मनाया गया। जैसे ही श्रीराम का जन्म हुआ ‘भए प्रगट कृपाला, दीन दयाला, कौशल्या हितकारी’’ के गान के साथ वातावरण प्रसन्नता से भर गया। श्रद्धालु भक्तों ने फूलों की वर्षा किया और सिया वरराम चन्द्र की गूंज से कथा पाण्डाल गूंज उठा। विप्र धेनु सुर सन्त हित, लीन्ह मनुज अवतार। निज इच्छा निर्मित तनु माया गुन गो पार।। के माध्यम से श्रीराम जन्म के कारको की व्याख्या करते हुये महात्मा जी ने कहा कि ‘बिनु पद चलइ सुनइ बिनु काना।कर बिनु करम करइ विधि नाना।। परमात्मा सर्व सर्मथ है। जैसे ही श्रीराम का जन्म हुआ आकाश से देव और गन्धर्वाे ने पुष्प वर्षा किया। महात्मा जी ने कहा धरती पर श्रीराम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न का जन्म हुआ। दशरथ के घर साक्षात पर ब्रम्ह श्री हरि पैदा हुये। जो निर्गुण थे वही भक्तों के प्रेम के कारण सगुण हो गये। चौत्र मास शुक्ल पक्ष और नवमी तिथि को मध्यान्ह में श्रीराम ने धरा पर अवतार लिया। श्रीराम कथा के चौथे दिन कथा व्यास का विधि विधान से मुख्य यजमान शेषमणि गुप्ता, शकुन्तला देवी, चिरौजी गुप्ता, मंजू देवी ने पूजन किया। मुख्य रूप से नगर पंचायत नगर अध्यक्ष नीलम सिंह राना, राना दिनेश प्रताप सिंह, विष्णु कसौधन, संजय गुप्ता, रामधनी कसौधन, शिवम, प्रिन्स, रमेश कसौधन, चंदन गुप्ताख् राजू गौड़, आशीष सिंह, श्रुति अग्रहरि, दुर्गेश, दिलीप, अरविन्द कुमार, नरेन्द्र पाण्डेय, रत्नेश्वर सिंह, विजय श्रीवास्तव, रंजीत सिंह, श्रवण कसौधन, सुनील श्रीवास्तव, रीना कसौधन, माधुरी, पम्पी कसौधन के साथ ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।




