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उत्तर प्रदेशसिद्धार्थनगर

क्या 16 करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले की जांच कर पायेगी सीबीसीआईडी

सिद्धार्थनगर। 16 करोड़ 16 करोड़ 16 करोड़ आखिर कौन है 16 करोड रुपए से अधिक के घोटाले का जिम्मेदार कौन है महाघोटालेबाज यह इन दिनों बुद्ध जीवियों एंव जनपदवासियों के जुबान पर चर्चा का विषय बना हुआ है आपको बता दें कि इन दिनों जनपद में 37 क्रय केंद्रों पर धान बेचने वाले घोटाले की जांच जहां जिलाधिकारी के नेतृत्व में एसआईटी टीम जांच कर रही थी तो वहीं अब विधानसभा में बात को लेकर जहां नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय तथा शिक्षक विधायक ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने मोर्चा संभाल लिया है और सीबीसीआईडी की मांग कर बैठे लेकिन जिन 16 करोड रुपए के जांच को एसआईटी टीम अभी तक नहीं कर पाई ,क्या सीबीसीआईडी इन 16 करोड रुपए की जांच कर पाएगी इस को लेकर लोगों के मन में संसय बना हुआ है आपको बता दे की पूरी कहानी जनपद सिद्धार्थनगर में 37 क्रय केंद्रों पर धान बेचने वाले 4000 किसानों का है जहां इसमें कई विभागीय कर्मचारीयों ने जमकर लूट मचाया है तो वहीं अपने बचाव में सही कार्य करने वाले क्रय केंद्रों और ठेकेदारों के ऊपर निशान लगाकर कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं लेकिन यदि सीबीसीआईडी सही से जांच करती है तो विभागीय कर्मचारी बड़ी संख्या में इसके लपेटे में आ सकते हैं विभागीय सूत्रों की माने तो यह सारी कहानी अपने आप को बचाने के लिए की जा रही है यदि सीबीसीआईडी सही तरीके से जांच करती है तो दूध का दूध और पानी का पानी सही हो सकता है जिले में 16 करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले की जांच कर रही एसआईटी 37 क्रय केंद्रों पर धान बेचने वाले चार हजार किसानों और विभाग से जुड़े अन्य लोगों से पूछताछ कर चुकी है। मामले की तह तक पहुंचने और घोटाले की पटकथा लिखने वालों तक पहुंचने के लिए एसआईटी सबसे संदिग्ध लेनदेन, एकाएक बड़ी धनराशि के खाते में आने वाले, रुपये आते ही विभिन्न खातों में भेजने वालों चार हजार में सबसे संदिग्ध 30 प्रतिशत किसानों की जांच कर रही है। एसआईटी टीम खेती के रकबे से लेकर पंजीकरण व बिक्री की तारीख, खाते में धनराशि आने की तिथि आदि की जांच कर रही थी। आप को बता दे की एसआईटी टीम किसानों के बैंक खातों की पूरी सूची (नाम, खाता संख्या, आधार नंबर, मोबाइल नंबर) एकत्र करेगी पूरा सर्च करने मे लगी है। धान खरीद रिकॉर्ड (तौल पर्ची, भुगतान राशि, तिथि) और किसानों के रजिस्ट्रेशन डेटा से मिलान भी हो रहा था। एसआईटी प्रभारी सीओ सदर सुजीत कुमार राय जांच टीम में शामिल इंस्पेक्टर के द्धारा शहर पीसीएफ कार्यालय पहुंच कर जांच की जा चुकि है एसआईटी टीम ने कार्यालय में मौजूद कर्मचारी से संबंधित 37 क्रय केंद्र प्रभारियों के संबंध में जानकारी ली थी । इसके अलावा खरीद से संबंधित कागजात को देखा था। कई फाइलों को भी पलटा था। लेकिन 16 करोड़ के घोटाले को नही पता कर पाई है।

पीसीफ के कार्यालय में हर वर्ष होने वाले ऑडिट में कैसे छिपा रहा घोटाला
किसानों के धान को क्रय केंद्रों पर बेचने का सत्यापन एसडीएम और एडीएम के द्वारा किया जाता है तो आखिर किस प्रकार से इनके सत्यापन में घोटाला पकड़ में नहीं आया था तो वहीं हर वर्ष पीसीफ का जनपद स्तर पर ऑडिट टीम द्वारा जांच भी किया जाता है लेकिन प्रत्येक वर्ष होने वाले जांच में भी कोई घोटाला सामने नहीं आया था अब जब सामने घोटाले आ रहे हैं तो विभागीय कर्मचारी अपने घोटाले को बचाने को लेकर हर किसी को लपेटते नजर आ रहे हैं।

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