क्षेत्र में शतचंडी महायज्ञ का हुआ आयोजन , निकाली गई भब्य कलश व शोभा यात्रा

कुशीनगर/कप्तागंज। कप्तागंज क्षेत्र अंतर्गत स्थित विभिन्न गाँवों में नवरात्रि के पावन पर्व पर नौ दिवसीय श्री शतचंडी महायज्ञ का आयोजन किया गया है। इस महायज्ञ का भब्य कलश व शोभा यात्रा बड़े ही धूम – धाम के साथ निकाली गई। और यात्रा में माँ भगवती व हर हर महादेव के जयकारों संग भक्ति गीतों से समूचा क्षेत्र गुंजायमान रहा। ज्ञात हो, कि 29 मार्च शनिवार को विकास खंड कप्तानगंज के ग्राम सभा साखोपार में स्थित शंभु बाबा के मंदिर परिसर में आयोजित नौ दिवसीय श्री शतचंडी महायज्ञ की कलश व शोभा यात्रा हजारों नर नारियों के बीच डीजे और ट्रैक्टर ट्रालियों, रथ संग दो व चार पहिया वाहनों के साथ निकाली गई यह यात्रा साखोपार गाँव से ओम चौराहा, भड़सर,सोहनी होते हुए कप्तानगंज के छोटी गंडक नदी पर स्थित रामजानकी घाट पर पहुंची। जहाँ पर यज्ञाचार्य विनोद शास्त्री के द्वारा उच्चारित वैदिक मंत्रों के बीच प्रमुख यजमान सपत्नी मनीष मिश्रा व अन्य यजमान सपत्नी सुरेश मद्धेशिया, त्रिलोकी मद्धेशिया, मोहन मद्धेशिया, रवि मद्धेशिया एवं विरजु सहित 1001 कुंवारी कन्याओं ने कलश में जल भरा। यह यात्रा गंडक नदी से नगर होते हुए पटखौली, मेहड़ा, सुधियानी होकर पुनः यज्ञ मंडप पर पहुंची और कलश स्थापना के साथ प्रथम दिन से ही महायज्ञ प्रारंभ हुआ। इस महायज्ञ की पूर्णाहूति 06 अप्रैल रविवार को विशाल भंडारा के साथ होगी। इसी प्रकार न्याय पंचायत पड़खोरी में स्थित माँ काली मंदिर परिसर में भी नौ दिनों के लिए आयोजित श्री शतचंडी महायज्ञ की कलश व शोभा यात्रा यज्ञ स्थल से निकल कर पड़खोरी गाँव से अवरहीं, मल्ल टोला,से बड़ी नहर को पकड़ कर हरपुर मछागर में शिव मंदिर के पास स्थित पोखरे से जल भर कर मंसूरगंज, कुन्दूर,अगया चौराहा होते हुए पुनः यज्ञ स्थल पर पहुँची जहाँ पर कलश स्थापना के साथ महायज्ञ प्रारम्भ हो गया। इन दोनों महायज्ञ में दिन में जहाँ प्रवचन के द्वारा कथा का रसपान कराया जा रहा है। वहीं रात्रिकालीन समय में रामलीला के मंचन का भी आयोजन किया गया है। यात्रा के संयोजन में आयोजक मंडल के नंदेश्वर सिंह, डाव वैद्यनाथ प्रजापति, देवानंद श्रीवास्तव, कमलेश सिंह, सुरेश प्रसाद, दीनानाथ मद्धेशिया, मिथिलेश मिश्रा, नागेंद्र मिश्रा, नन्द सिंह, बृजेंद्र सिंह, सूर्यप्रकाश सिंह उर्फ भरत, आदित्य, विराट, राहुल, गोलू, पुजारी हरिकेश दास आदि ग्रामीणों संग महिलाएं उपस्थित रहे।



