चेयरमैन उमा अग्रवाल ने पुनः लगवाया दुर्घटना में टूटा हुआ शिलापट्ट
पूर्व चेयरमैन प्रतिनिधि सौरभ गुप्ता भाषा सुधारे नहीं तो मुझे मजबूरन लेना पड़ेगा कोर्ट का शरण- उमा अग्रवाल

शोहरतगढ़, सिद्धार्थनगर। रविवार को शोहरतगढ़ चेयरमैन उमा अग्रवाल ने बीते दिनों दुर्घटना में टूटा हुआ शिलापट्ट लगवा दिया है। जिसे कथितरूप से पूर्वाग्रह के भ्रम को लेकर पूर्व अध्यक्ष प्रतिनिधि सौरभ गुप्ता ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालने के साथ कई अधिकारियों से पत्राचार किया था। उसी समय चेयरमैन उमा अग्रवाल ने मिडिया वार्ता में बताया था कि शोहरतगढ़ नगर पंचायत में किसी से कोई दुर्भावना नहीं है। न तो पक्षपात तरीके से नगर पंचायत में कार्य किया जा रहा है। सभी नगरवासी मेरे लिए समान है। कान्हा गौशाला एवं बेसहारा पशु आश्रय योजना के तहत वहाँ सड़क निर्माण आदि विकास कार्य किया जा रहा है। हो सकता है कि किन्ही कारणों से शिलापट्ट टूट गया होगा, जिसका आर्डर हो चुका है और नया पत्थर बन रहा है। सड़क ठीक होते ही वहां ठीक वैसा ही पत्थर लग जाएगा और पत्थर के गिरकर दुर्घटना वश टूट जाने का कष्ट हम सभी को है।टूटे हुए शिलापट्ट को लेकर जब इसकी जानकारी सोशल मीडिया पर पोस्ट हुई तो शोहरतगढ़ कस्बा निवासी वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ नागेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालते हुए लिखा कि,- प्रिया छोटू भाई, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि एवं पुत्र! हमने तुमसे कहा था कि जिस गौशाला के पत्थर के संदर्भ में तुमने वर्तमान नगर पंचायत अध्यक्ष पर आरोप लगाया है वह निराधार है और बुनियाद है, आज मेरी वह बात हमें लगता है सही निकली। हमने तुमसे पहले भी कहा था कि वह पत्थर दुर्घटना वश टूट गया था लेकिन तुमने राजनीतिक प्रतिद्वंदिता में अनावश्यक रूप से वर्तमान नगर पंचायत अध्यक्ष को अनुचित और अशोभनीय शब्दों से सार्वजनिक तौर पे पत्थर को लेकर संबोधित किया था जो बेहद गलत था। हमने चार-पांच दिन पूर्व पोस्ट के माध्यम से समाज और तुमको सूचना दी थी कि जल्दी ही वहां पत्थर लगा दिया जाएगा। इस प्रकरण को तुम अनावश्यक तूल दिए हुए थे। इसी क्रम में सर्व समाज के साथ-साथ तुम्हारी जानकारी के लिए भी वहां लगाए जाने वाले पत्थर की फोटो हम सार्वजनिक कर रहे हैं। आशा करते हैं तुम वर्तमान नगर पंचायत अध्यक्ष महोदया से सार्वजनिक तौर पर खेद प्रकट करोगे और हम आशा करते हैं कि तुम भी समझदार व्यक्ति हो राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता में किसी के भी ऊपर बिना किसी मामले को गहराई से जाने किसी भी तरह की अभद्र और अशोभनीय और आपत्तिजनक टिप्पणी से बचने का भविष्य में प्रयास करोगे।पूर्व चेयरमैन प्रतिनिधि सौरभ गुप्ता के सोशल मीडिया पर पोस्ट को लेकर वर्तमान अध्यक्ष श्रीमती उमा अग्रवाल ने कहा कि सौरभ कसौधन की भाषा मर्यादित नहीं है। यदि भविष्य में उनकी भाषा में सुधार नहीं हुआ है तो मजबूरन मुझे माननीय न्यायालय की शरण में जाना पड़ सकता है, क्योंकि इनके पोस्ट, वाणी और भाषा से सामाजिक स्तर पर भी मुझे खेद है।




