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उत्तर प्रदेशबहराइच

राजा बलि के अहंकार को नष्ट करने के लिए भगवान ने वामन रूप किया धारण -सर्वेश जी महाराज

बहराइच। बौंडी थाना क्षेत्र के पाठक पट्टी गांव में चल रहे श्रीमद्भागवत कथा में तीसरे दिन कथावाचक सर्वेश जी महाराज ने वामन अवतार की कथा सुनाई। इसमें अहंकार पर सदविचारों की विजय पर प्रकाश डाला। कथावाचक ने कहा कि त्रिलोक में शासन करने वाले महाराजा बलि को अपनी संपत्ति और ऐश्वर्य पर अहंकार हो गया था। राजा बलि के अहंकार को नष्ट करने के लिए भगवान ने वामन रूप धारण किया और भिक्षा मांगने राजा बलि के पास पहुंच गए। अभिमान से चूर राजा ने वामन भगवान को इच्छानुसार दान देने का वचन दिया, तो भगवान ने तीन पग भूमि मांगी। भगवान वामन ने एक पग में धरती, दूसरे में स्वर्ग नाप लिया जब तीसरा पग रखने को जगह नही बचा तो राजा बलि ने भगवान से तीसरा पग अपने सिर पर रखने को कहा। भगवान श्री राम मर्यादा पुरुषोत्तम मानव जीवन शैली एवं आचरण के अवतार हैं। कहा कि इस कुत्सित संसार में जीने की कला रामावतार से प्राप्त होती है जबकि कृष्णावतार भगवान नारायण का साक्षात अवतार है, जहां बिना अस्त्र के भी संपूर्ण ब्रह्मांड का शुद्धीकरण और वैचारिक पवित्रता दिखती है ; वहीं झांकी भी प्रस्तुत की गई। संगीत भजनों का श्रोताओं ने खूब आनंद लिया और आरती के बाद प्रसाद का वितरण हुआ। इस मौके पर आचार्य अरुण, अजय शुक्ल, अनुपम शास्त्री,तबला वादक सुरेश, बैंजो वादक दिनेश, पैड वादक शत्रुघ्न प्रसाद मिश्रा उर्फ पप्पू, आर्गन वादक सरबजीत, यजमान सुरेंद्र तिवारी, मोहित तिवारी, अमरेंद्र तिवारी, भास्कर तिवारी,बिहारी तिवारी, सिप्पी पांडेय समेत अन्य श्रोता मौजूद रहे।

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